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बिहार की तीन बड़ी परियोजनाओं पर मुख्य सचिव की सख्त नजर: "शिथिलता बर्दाश्त नहीं"

बिहार की तीन बड़ी परियोजनाओं पर मुख्य सचिव की सख्त नजर: "शिथिलता बर्दाश्त नहीं"

पटना: बिहार सरकार की तीन प्रमुख और महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति पर आज एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक हुई. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने उत्तर कोयल जलाशय परियोजना, मंडई वीयर परियोजना और गंगा नदी पर निर्माणाधीन ताजपुर-बख्तियारपुर ग्रीनफील्ड पुल की साप्ताहिक समीक्षा की. इस बैठक का स्पष्ट एजेंडा था: आ रही बाधाओं को दूर करना और कार्यों में तेजी लाना.

उत्तर कोयल परियोजना: ठेकेदारों पर कार्रवाई के सख्त निर्देश

सबसे पहले गया जिले में चल रही उत्तर कोयल जलाशय परियोजना पर नजर डाली गई. इस परियोजना के काम में लगातार देरी की शिकायतें मिल रही थीं. मुख्य सचिव ने इस पर सख्ती दिखाते हुए गया के जिलाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले या जानबूझकर काम धीमा करने वाले ठेकेदारों (संवेदकों) पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि आवश्यक हो, तो निर्माण स्थल पर श्रमिकों की संख्या और खुदाई के यंत्रों (मशीनरी) में तुरंत वृद्धि की जाए. इस परियोजना के सभी महत्वपूर्ण कार्यों को 30 मार्च तक गति देने का लक्ष्य रखा गया है.

मंडई वीयर: मुआवजा प्रक्रिया में तेजी के लिए 30 अभियंता तैनात

दूसरी प्रमुख चर्चा जहानाबाद जिले की मंडई वीयर परियोजना को लेकर हुई. इस परियोजना में सबसे बड़ी चुनौती जमीन अधिग्रहण (भू-अर्जन) और किसानों (रैयतों) को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया में आ रही देरी थी. इस समस्या के समाधान के लिए एक ठोस कदम उठाया गया. जल संसाधन विभाग ने बताया कि 30 कनिष्ठ अभियंताओं (जूनियर इंजीनियरों) की एक विशेष टीम जहानाबाद में प्रतिनियुक्त की गई है. इन अभियंताओं का एकमात्र काम होगा घर-घर जाकर प्रभावित किसानों से सीधा संवाद स्थापित करना. वे उन्हें मुआवजे की राशि प्राप्त करने की पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया में सहायता करेंगे, ताकि कोई भी किसान परेशानी महसूस न करे और परियोजना का काम रुके नहीं.

ताजपुर-बख्तियारपुर पुल: निर्धारित समय पर पूरा होने का आश्वासन
तीसरा फोकस गंगा नदी पर पटना के निकट बन रहे ताजपुर-बख्तियारपुर ग्रीनफील्ड पुल पर था. पथ निर्माण विभाग ने एक विस्तृत प्रस्तुति देकर आश्वस्त किया कि यह महत्वपूर्ण पुल परियोजना निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएगी और निर्माण कार्य संतोषजनक गति से चल रहा है.

मुख्य सचिव ने इस पर संतोष जताया, लेकिन साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से साइट का फील्ड विजिट करने का आदेश दिया. उनका मानना है कि जमीन पर मौजूदगी से ही तकनीकी या प्रशासनिक दिक्कतों का त्वरित समाधान संभव है.

बैठक में विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

इस वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में जल संसाधन, पथ निर्माण, योजना, वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों ने भाग लिया. समग्र रूप से, इस समीक्षा से सरकार का एक स्पष्ट संदेश गया है: बिहार के विकास के इन प्रमुख प्रतीकों में अब किसी भी प्रकार की शिथिलता या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रशासन का पूरा जोर समयबद्ध तरीके से इन परियोजनाओं को पूरा करने पर है.

Published at: 12 Jan 2026 07:56 PM (IST)
Tags:Bihar NewsBihar UpdatesNitish GovernmentChief Secretary BiharPratyay Amrit Chief Secretary BiharNorth Koel project reviewMandai Weir project BiharRoad and irrigation projects BiharBihar development projects updateWater Resources Department BiharPatna administrative news
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