TNP DESK- भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह क्या भाजपा कोटे से राज्यसभा जाएंगे, यह सवाल बिहार की राजनीति में चर्चा के केंद्र में है. इस बार 41 विधायको के समर्थन से बिहार में एक व्यक्ति राज्यसभा जा सकता है. बिहार विधानसभा में संख्या बल के आधार पर बीजेपी और जदयू अपनी -अपनी सीट बचा लेंगे. जदयू के पास 85 विधायक हैं, जिससे वह अपनी दो सीट सुरक्षित रख सकता है. वहीं भाजपा के पास 89 विधायक हैं, जो अपने दो लोगों को जिताने की ताकत रखती है. विपक्षियों की बात की जाए तो राजद के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है. उसकी दो सीट खाली हो रही है. दोनों सीट बचाना तो वह राजद के लिए मुश्किल है.
राजद को एक भी सीट बचाना होगा लगभग असंभव
हालांकि एक सीट वह काफी जोड़-तोड़ के बाद बचा सकता है, लेकिन इसके लिए उसे महागठबंधन की अन्य पार्टियों का समर्थन लेना पड़ेगा. बसपा और ओवैसी की पार्टी का समर्थन लेने के बाद ही उम्मीदवार जीता पाएगा. 9 अप्रैल 2026 को बिहार के राज्यसभा के जिन पांच का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें राजद के प्रेमचंद गुप्ता, अमरेंद्र धारी सिंह, जदयू के हरिवंश नारायण सिंह और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा शामिल है. इन्हीं की सीटों पर चुनाव होना है. चर्चा इस बात को लेकर है कि भाजपा क्या अपने नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन को और भोजपुरी स्टार पवन सिंह को राज्यसभा भेजेगी?
उपेंद्र कुशवाहा को क्यों बैठना पद सकता है बाहर
इस बात की भी उतनी ही चर्चा है कि क्या उपेंद्र कुशवाहा को इस बार बाहर बैठना पड़ेगा? सूत्रों के अनुसार लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी से रिश्तो में खटास के बाद पवन सिंह विधानसभा चुनाव 25 से पहले पार्टी में शामिल हुए और प्रचार किया. बीजेपी के सांसद मनोज तिवारी का चुनाव से पहले दिया गया बयान कि पवन सिंह के लिए सब कुछ तय है. इन अटकलें को और हवा देता है . जदयू कोटे के हरिवंश नारायण सिंह और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर रिपीट कर सकते हैं, हालांकि आमतौर पर किसी भी नेता को नीतीश कुमार दो बार से ज्यादा राज्यसभा भेजने से बचते रहे है. लेकिन इस बार देखना होगा कि वह क्या करते हैं? रीना पासवान का नाम भी जोर शोर से उछाल रहा है. रीना पासवान चिराग पासवान की मां है. हालांकि एनडीए को भी पांचवे उम्मीदवार को लेकर मजबूत जोड़तोड़ करना पड़ सकता है.
आखिर क्यों आँखे तरेर रहे हैं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी
इधर , केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी खतरा देख एक अलग राग अलापना शुरू कर दिए है. वह राज्यसभा सीट के लिए पुराने आश्वासनो को ताजा करते हुए आंखें तरेरना शुरू कर दिया है. उन्होंने अपने पुत्र और बिहार के मंत्री डॉ संतोष सुमन को कह दिया है कि अगर राज्यसभा की सीट नहीं मिल रही है, तो मंत्री पद को छोड़ दीजिये. उनका कहना है कि राज्यसभा की दो सीट बीजेपी और दो सीट जदयू को मिल गई है. एक सीट लोजपा को मिली है. "हम" पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली है. इसको लेकर घमाशान मचा हुआ है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
