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झरिया में साल का पहला दिन देशभक्ति के नाम रहा,सामाजिक संगठन ने युवाओं को कुछ इस तरह देशभक्ति के लिए प्रेरित किया ! 

झरिया में साल का पहला दिन देशभक्ति के नाम रहा,सामाजिक संगठन ने युवाओं को कुछ इस तरह देशभक्ति के लिए प्रेरित किया ! 

धनबाद (DHANBAD) : झरिया के सामाजिक संगठन, ‘इंस्टीट्यूशन फॉर नेशनल एमिटी (INA)’ ने गुरुवार को चिल्ड्रन पार्क में “राष्ट्र के नाम शपथ” नाम का देशभक्ति को समर्पित  कार्यक्रम आयोजित किया. कार्यक्रम में  400 से ज़्यादा लोग उपस्थित हुए और राष्ट्र के प्रति  शपथ ली.खासियत रही कि हिंदी, इंग्लिश और बांग्ला भाषा में शपथ ग्रहण किया गया. 
 
INA की अपील पर आस-पास के लोगों ने नए साल के दिन कार्यक्रम के दौरान कोई साउंड सिस्टम नहीं बजाया.कार्यक्रम में  समाज के सभी क्षेत्रों के लोग शामिल हुए और भारतीय राष्ट्रीय एकता और अखंडता  को बनाए रखने के लिए जाति, धर्म और भाषा के ऊपर उठ कर भारतीयता  धर्म अपनाने की शपथ ली. खुद को भ्रष्टाचार से दूर रखने, बढ़ती आबादी को रोकने और प्रदूषण कम करने  और सतर्क नागरिक बनने की शपथ ली. बता दें कि आई एन ए संगठन 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान बनाया गया था. तब से हर साल राष्ट्र के नाम शपथ कार्यक्रम जारी है और झरिया में अलग-अलग जगहों पर होता है.यह कार्यक्रम  पहली जनवरी के दिन ही आयोजित किया जाता है, ताकि युवा पीढ़ी नए साल के दिन अश्लील संस्कृति  से खुद को दूर रख सके, और राष्ट्रीय भावनाओं के साथ जुड़े.

झरिया , पोद्दार पाड़ा के चिल्ड्रन्स पार्क में  अलग-अलग धर्मों के लोग, अलग-अलग मातृभाषाओं के लोग, अलग-अलग उम्र के लोग, आठ साल से लेकर अस्सी साल तक के सभी लोग दोपहर में जुटे.जैसा कि  देश में वंदे मातरम गीत के 150 साल मनाया जा रहा है, इसीलिए कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम गीत पर हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर नृत्य प्रदर्शन से हुआ. यह गीत बंकिम चंद्र चटर्जी ने लिखा था. इस  पुराने कार्यक्रम की अवधारणा महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर की कविता से ली गई थी. 

आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों और शहीद सैनिकों को त्याग को स्मरण करने के उपरांत पुष्प अर्पित कर महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष बोस, पूर्व भारतीय प्रधानमंत्रियों जैसे अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह जैसे विभिन्न समाज सुधारकों और राजनीतिक नेताओं को श्रद्धांजलि देने के बाद भी कार्यक्रम जारी रहा.पूरा माहौल देशभक्ति और राष्ट्रवाद से भरा हुआ था.

अतिथियों में सीमा कामदार, मौसमी रॉय, महेंद्र सिंह (मीनू), अनूप साव, मनोज सिंह, सिद्धार्थ बंद्योपाध्याय ,  संजय मिश्रा, अनिल जैन, स्वर्णिम डे, श्री चंद रॉय द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करने के बाद राष्ट्र के नाम शपथ ग्रहण किया गया.    चर्चा का विषय 'आत्मनिर्भर भारत था.  यह संदेश दिया गया कि "देश, धर्म और राजनीति से ऊपर है" और हर व्यक्ति के आत्म निर्भरता से ही देश आत्म निर्भर बन सकता है. 

इस अवसर पर, इंस्टीट्यूशन फॉर नेशनल एमिटी (INA) के संस्थापक पिनाकी रॉय ने वंदे मातरम के राष्ट्रीय गीत से संबंधित एक गंभीर  बात कही.रॉय ने बताया, “INA की ओर से हमने   झरिया कोयलांचल 7 सितंबर 2006 को वंदे मातरम गीत के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाया था, सब पार्टी के लोग मनाया था जिसकी घोषणा UPA सरकार ने की थी, सभी दस्तावेज़ मेरे पास हैं. लेकिन दुख की बात है कि इसके ठीक 19 साल बाद NDA सरकार ने 'वंदे मातरम गीत' के 150 साल पूरे होने का जश्न घोषित किया. संसद में वंदे मातरम पर 10 घंटे लंबी चर्चा हुई. संसद में सभी राजनीतिक नेताओं ने वंदे मातरम के इतिहास पर बात की, लेकिन शताब्दी समारोह और  150वी बर्ष गांठ पर किसी ने भी दो सरकारों के इस दोहरे रवैये को याद नहीं किया. हमें सरकार से इसका जवाब मांगना चाहिए. 

कार्यक्रम में, केंदुआ यूनिट के कोलफील्ड चिल्ड्रन क्लासेस (सीसीसी) के छात्राओं ने झारखंड के लोक नृत्य, बांग्ला में रवींद्र संगीत पर  और पिनाकी रॉय द्वारा लिखे गए एक नृत्य 'हम लोग हैं झरिया कोयलांचल के जेन जी- हम लोग तो हैं सीसीसी' पर सुंदर नृत्य प्रदर्शन किया.

कार्यक्रम पर पिनाकी रॉय के अलावा, मिलन बनर्जी, मौसमी रॉय,  सोनू निगम,  सुमन कुमारी, नंदिनी कुमारी, मुस्कान कुमारी, सुहानी कुमारी, दुर्गी कुमारी, चांदनी कुमारी, दुर्गा कुमारी , अर्पिता रॉय, स्वर्णिम डे, नयन दत्ता, राजू कुमार, सुप्रिति सान्याल, अनुरिता पांडे, निधि अग्रवाल, साल्वी राज, हिमांशु पंडित, तृषा रॉय  आदि समेत और कई  लोगों उपस्थित थे. लोगों ने 'वंदे मातरम' का पूरा गीत गाया. सूर्यास्त से पहले कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान 'जन गण मन' से किया गया.

रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो

Published at: 02 Jan 2026 02:49 PM (IST)
Tags:dhanbad newsJhariaThe first day of the year in Jhariapatriotismsocial organizationyouthembrace patriotism
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