रांची (RANCHI): पश्चिमी विक्षोभ के असर से झारखंड में ठंड ने इस बार रिकॉर्ड तोड़ रूप ले लिया है. उत्तर भारत में जारी बर्फबारी और सर्द हवाओं का सीधा असर राज्य के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है. राजधानी रांची से करीब 60 किलोमीटर दूर मैक्लुस्कीगंज में बुधवार सुबह न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया. यहां तापमान माइनस 0.5 से लेकर माइनस 0.7 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया, जिससे यह इलाका ठंड के मामले में कश्मीर जैसे क्षेत्रों को भी पीछे छोड़ता नजर आया.
स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह के समय जमीन पर जमी ओस पूरी तरह बर्फ में बदल गई. घास, पत्ते, वाहनों की छतें और घरों की छप्पर सफेद परत से ढकी दिखाई दीं. लपरा निवासी एंग्लो समुदाय के नेलसन पॉल बॉबी गॉर्डन ने अपने तापमान मापक यंत्र से माइनस 0.5 डिग्री दर्ज किया, जबकि जोभिया स्थित राणा कंट्री कॉटेज में डिजिटल मीटर से माइनस 0.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया.
ठंड का असर सिर्फ मैक्लुस्कीगंज तक सीमित नहीं रहा. राजधानी रांची के कांके क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री, खूंटी में 2.1 डिग्री दर्ज किया गया. रांची का न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री और अधिकतम 19.4 डिग्री सेल्सियस रहा. डालटनगंज में घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर 300 मीटर तक पहुंच गई, जबकि देवघर में 600 मीटर रिकॉर्ड की गई.
भीषण ठंड का जनजीवन पर गंभीर असर पड़ा है. रांची के ओल्ड एचबी रोड स्थित लग्न कॉम्प्लेक्स के पास ठंड की चपेट में आने से 50 वर्षीय महिला रेखा देवी की मौत हो गई. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया है. मौसम विभाग ने दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कई जिलों के लिए शीतलहर का यलो अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार 8 और 9 जनवरी तक ठंड का प्रकोप बना रहेगा, हालांकि 10 से 12 जनवरी के बीच तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और ठंड से बचाव की अपील की है.
