☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  1. Home
  2. /
  3. News Update

IAS विनय चौबे का मनी लॉन्ड्रिंग जाल! रांची से गुरुग्राम तक फैली करोड़ों की संपत्ति, ACB जांच में मल्टी-सिटी नेटवर्क बेनकाब

IAS विनय चौबे का मनी लॉन्ड्रिंग जाल! रांची से गुरुग्राम तक फैली करोड़ों की संपत्ति, ACB जांच में मल्टी-सिटी नेटवर्क बेनकाब

रांची (RANCHI): एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच में जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे से जुड़ी कथित अवैध संपत्तियों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. आय से अधिक संपत्ति के मामले से शुरू हुई जांच अब एक संगठित और फैले हुए मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की ओर इशारा कर रही है, जिसके तार कई शहरों और राज्यों से जुड़े बताए जा रहे हैं.

जांच एजेंसी के अनुसार, चौबे पर यह आरोप उभर कर सामने आया है कि भ्रष्टाचार से अर्जित धन को एक ही स्थान पर न रखकर अलग-अलग शहरों में निवेश किया गया, ताकि उसकी पहचान और ट्रेसिंग मुश्किल हो सके. गुरुग्राम में सामने आई महंगी संपत्तियों के बाद अब ACB की जांच का फोकस रांची की प्राइम लोकेशन पर मौजूद अचल संपत्तियों पर आ गया है.

ताजा जांच में रांची के पॉश इलाकों में दो अहम संपत्तियों को चिह्नित किया गया है. इनमें हरि ओम टावर के पास स्थित एक मूल्यवान भूखंड और वर्धमान कंपाउंड में मौजूद एक लग्जरी 3 बीएचके फ्लैट शामिल है. इन दोनों की बाजार कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है और इन्हें कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन यानी प्रोसीड्स ऑफ क्राइम माना जा रहा है.

ACB की जांच में यह भी सामने आया है कि इन संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन सीधे विनय चौबे के नाम पर न होकर उनके साले शिपिज त्रिवेदी के नाम पर कराया गया था. एजेंसी का मानना है कि संपत्तियों पर वास्तविक नियंत्रण चौबे का ही था और दस्तावेजी तौर पर दूसरे व्यक्ति का नाम इस्तेमाल कर बेनामी लेन-देन को अंजाम दिया गया.

जांच अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में पावर ऑफ अटॉर्नी जैसे कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल किया गया, ताकि असली मालिकाना हक छिपाया जा सके. ACB इसे एक सुनियोजित मनी लॉन्ड्रिंग पैटर्न मान रही है, जिसमें रिश्तेदारों और करीबी लोगों को ढाल के रूप में इस्तेमाल किया गया.

फिलहाल एजेंसी बैंक लेन-देन, रजिस्ट्री कागजात और मनी ट्रेल की गहन पड़ताल कर रही है, ताकि इस कथित मल्टी-सिटी नेटवर्क के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके और जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जा सके.

Published at: 07 Jan 2026 11:13 AM (IST)
Tags:IAS officer Vinay ChaubeyIAS vinay chaubeyIASIAS vinay chaubey land scamland scamLIQUOR SCAMjharkhand scam casebig updatelatest update
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.