रांची (RANCHI) भाजपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी विधायक दल की बैठक संपन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश ने की. बैठक में नेता विधायक दल एवम पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी,प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा,नवीन जायसवाल,जेपी पटेल,अपर्णा सेन गुप्ता,अमर बाउरी,रामचंद्र चंद्रवंशी,नीरा यादव,अनंत ओझा, रणधीर सिंह,भानु प्रताप शाही,आलोक चौरसिया,केदार हजार,पुष्पा देवी,नारायण दास,किशुन दास,अमित मंडल,समरी लाल, कोचे मुंडा, बिरंची नारायण ,शशिभूषण मेहता,राज सिन्हा,मनीष जायसवाल,उपस्थित थे. बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए पार्टी के मुख्य सचेतक विधायक बिरंची नारायण ने कहा कि प्रदेश भाजपा प्रदेश की जनता के जनभावनाओं के साथ खड़ी है. लेकिन सरकार की मंशा साफ नहीं है. बिरंची नारायण ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा यदि साफ रहती तो फिर यह सरकार सीधे संकल्प लेकर 1932 की स्थानीय नीति और नियोजन नीति लागू कर देती,लेकिन हेमंत सरकार इसे केवल उलझाना चाहती है. 6 माह पहले मुख्यमंत्री ने सदन में स्पष्ट कहा था कि 1932की नीति को लागू नहीं किया जा सकता.
1985 की नीति केवल संकल्प लाकर लागू कर दिया था
उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि आखिर सरकार ने कौन सा परिवर्तन उसमे कर दिया. रघुवर सरकार ने 1985 की नीति केवल संकल्प लाकर लागू कर दिया था जिसमें एक लाख से ज्यादा नौकरियां दी गई. यह सरकार ईडी के प्रेम पत्र से डरी हुई है.जब-जब ये सरकार भ्रष्टाचार के मामले में घिरती है तब तब नए नए छलावे देकर जनता का ध्यान भटकाती है.
अगला चुनाव आरक्षण तय करके ही कराने की बात कही थी
पिछड़ों के 27प्रतिशत आरक्षण के प्रस्ताव पर कहा कि भाजपा के सभी विधायक इससे सहमत हैं लेकिन सरकार की मंशा इसपर भी साफ नहीं है. आखिर सरकार क्यों बिना पिछड़ों का आरक्षण तय किए नगर निकाय चुनाव कराने पर अड़ी है जबकि इन्होंने पंचायत चुनाव के समय कोर्ट में हलफनामा देकर अगला चुनाव आरक्षण तय करके ही कराने की बात कही थी. जो विधायकों को विधेयक की कॉपी मिली है उसमें अनेक त्रुटियां है. पार्टी कल विधानसभा अध्यक्ष से मांग करेगी कि पार्टी के नेता को सदन में बात रखने का अवसर दिया जाए.