☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  1. Home
  2. /
  3. News Update

Bengal BJP Politics : पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के पार्टी मुख्य धारा में लौटने के क्या होंगे मायने, ममता दीदी क्यों दे रही सीधी ललकार !

Bengal BJP Politics : पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के पार्टी मुख्य धारा में लौटने के क्या होंगे मायने, ममता दीदी क्यों दे रही सीधी ललकार !

धनबाद (DHANBAD) : बंगाल चुनाव इस बार बहुत खास होगा. अचानक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के बाद भाजपा के नाराज नेताओं में बदलाव दिख रहा है. भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष एक बार फिर मुख्य धारा से जुड़ते दिख रहे हैं .दिलीप घोष अमित शाह के कार्यक्रम में भी देखे गए थे. लेकिन सूत्र बताते हैं कि अभी हाल ही में वह भाजपा के प्रदेश कार्यालय भी गए थे.

सूत्र बताते हैं कि अमित शाह के 3 दिन की बंगाल यात्रा के बाद भाजपा पश्चिम बंगाल इकाई के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष गुरुवार को पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष   से मुलाकात की. बंगाल चुनाव के पहले दोनों नेताओं की मुलाकात के अलग मतलब निकाले जा रहे हैं. इस मुलाकात को लेकर बंगाल में भाजपा की राजनीति में हलचल है. जानकारी के अनुसार बुधवार को दिलीप घोष केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भाजपा सांसदों, विधायकों और संगठन के नेताओं के साथ हुई बैठक में शामिल हुए थे.

दिलीप घोष भाजपा के कद्दावर नेता माने जाते हैं. वह 2019 में मेदिनीपुर लोकसभा चुनाव क्षेत्र से लोकसभा चुनाव जीता था. 2024 में वर्धमान दुर्गापुर लोकसभा सीट से वह हार गए. पिछले कई महीनो से वह भाजपा की गतिविधियों से दूर थे. भाजपा भी अब मानकर चल रही है कि पश्चिम बंगाल जिताने के लिए दिलीप घोष को साथ लेना जरूरी है. वैसे भाजपा को 2014 में लोकसभा की केवल दो सीट मिली थी. लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव में दिलीप घोष के नेतृत्व में भाजपा  ने 42 में से 18 सीट पर जीत हासिल की थी. 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के पास तीन सीट थी.

लेकिन 2021 के विधानसभा चुनाव में घोष के नेतृत्व में पार्टी ने 77 सीट पर जीत दर्ज की थी. 2026 में तो भाजपा बंगाल में सरकार बनाने की मंशा से काम कर रही है .लेकिन ममता बनर्जी भाजपा को रोकने के लिए कोई कोर कसर छोड़ने को तैयार नहीं है .ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी की स्थापना दिवस पर कहा कि उनकी पार्टी जनता की लड़ाई जारी रखेगी. तृणमूल कांग्रेस "दुष्ट ताकतों" के सामने नहीं झुकेगी.तृणमूल कांग्रेस की स्थापना 1 जनवरी 1998 को हुई थी. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की निष्ठा और त्याग की सराहना करते हुए कहा कि आज भी हमारी पार्टी का हर कार्यकर्ता और समर्थक इस लक्ष्य के प्रति अडिग और प्रतिबद्ध है.

बंगाल चुनाव को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच अभी से ही चुनावी जंग छिड़ गई है. भाजपा लगातार बंगाल पर पहली बार  कब्जे की कोशिश कर रही है. बिहार में बंपर जीत के बाद भाजपा का मनोबल भी बढ़ा हुआ है. प्रधानमंत्री ने भी कहा था कि बिहार के बाद  अब बंगाल की बारी है. बंगाल में भी भगवा फहराकर रहेंगे. इधर एसआईआर को लेकर बंगाल में अभी भी विवाद छिड़ा हुआ है. ममता बनर्जी सीधी ललकार भाजपा को  दे रही है. कह रही है कि" दुष्ट शक्तियों" के आगे नहीं झुकेगी, बंगाल को झुकने नहीं देंगे.

रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो

Published at: 02 Jan 2026 03:42 PM (IST)
Tags:Bengal BJP Politicsformer state president Dilip Ghosh'sparty mainstreamMamata Banerjee idirect challenge
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.