टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : पुलिस विभाग को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. जहां एंटी करप्शन टीम ने महिला दारोगा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी दारोगा का नाम भुवनेश्वरी सिंह है, जिन्हें 45 हजार रुपये की घूस लेते हुए साहिबाबाद थाने की रिपोर्टिंग चौकी से पकड़ा गया. पूरा मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की है. इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है.
बताया जा रहा है कि दहेज उत्पीड़न के एक मामले में नाम हटाने और परिवार के अन्य सदस्यों को राहत देने के बदले रिश्वत मांगी गई थी. 14 जनवरी को मेरठ एंटी करप्शन टीम ने पूरी योजना के तहत यह ट्रैप लगाया और दारोगा को रंगे हाथ दबोच लिया. भुवनेश्वरी सिंह वर्तमान में गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके की रिपोर्टिंग चौकी में तैनात थीं. मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली भुवनेश्वरी हाल के महीनों में अपने साहसिक कारनामों की वजह से काफी चर्चा में रही थीं. सितंबर 2025 में गाजियाबाद के सिहानी गेट क्षेत्र में हुए बदमाश के एनकाउंटर में वह महिला पुलिसकर्मियों की उस टीम का हिस्सा थीं, जिसने एनकाउंटर को अंजाम दिया था. यह प्रदेश का पहला एनकाउंटर था, जिसमें पूरी टीम महिला पुलिसकर्मियों की थी.
एनकाउंटर के बाद भुवनेश्वरी सिंह की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी. उस तस्वीर में वह घायल बदमाश को कंधे पर उठाकर अस्पताल ले जाती दिखाई दे रही थीं. उनके इस साहसिक कदम के लिए पुलिस कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने उन्हें सम्मानित भी किया था. उस वक्त मीडिया और सोशल मीडिया पर उन्हें “लेडी सिंघम” कहकर सराहा गया, लेकिन अब वही नाम भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण सुर्खियों में है.
पूरा मामला साहिबाबाद के वृंदावन गार्डन निवासी रामपाल सैनी के परिवार से जुड़ा है. रामपाल के बेटे के खिलाफ उसकी पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था. इस मामले की जांच दारोगा भुवनेश्वरी सिंह के पास थी.
आरोप है कि जांच के दौरान उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों का नाम केस से हटाने और आरोपी पक्ष को राहत दिलाने के बदले एक लाख रुपये की मांग की. पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देने और काफी मिन्नतों के बाद सौदा 50 हजार रुपये में तय हुआ. इसके बाद परेशान परिवार ने एंटी करप्शन विभाग से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत की पुष्टि के बाद मेरठ एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया.
तय योजना के अनुसार मंगलवार को पीड़ित 45 हजार रुपये लेकर साहिबाबाद स्थित चौकी पहुंचा. जैसे ही दारोगा ने रुपये लेकर मेज की दराज में रखे, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने तुरंत कार्रवाई की और उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई.
कार्रवाई के बाद आरोपी दारोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले की आगे जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इससे पहले भी वह इस तरह की गतिविधियों में शामिल रही हैं.
