आखिर क्यों किसानों को नहीं मिल रहे टमाटर के लागत के भी पैसे, खेतों में ही सड़ने के लिए छोड़ने को हुए मजबूर

    आखिर क्यों किसानों को नहीं मिल रहे टमाटर के लागत के भी पैसे, खेतों में ही सड़ने के लिए छोड़ने को हुए मजबूर

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : सैकड़ों एकड़ में फैले लाल-लाल टमाटर को देखकर किसानों के चेहरे पीले पड़ रहे है. यह हाल चतरा, लातेहार और पलामू समेत कई जिलों के किसानों का है. आपको बता दें कि इन जिलों में सैकड़ों एकड़ में लगे टमाटर इन दिनों बेकार पड़े हैं. टमाटर की खेती में लगे लागत मूल्य भी नहीं मिलने से किसान खेतों में ही सड़ने को छोड़ दिए हैं. किसानों ने बताया कि टमाटर का भाव इतना गिर गया है कि मजदूरी भी नहीं निकल पा रही है. टमाटर के बाज़ार भाव दो रुपए किलो रहने से किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है.

    बताते चलें कि अभी इन जिलों के बाजारों में दो रुपए किलो टमाटर की बिक्री हो रही है. भाव बढ़ने के इंतजार में बैठे किसानों के टमाटर खेतों में ही अधिक पकने के कारण सड़ जा रहे हैं. इसे देखकर किसानों के चेहरे अब पीले पड़ने लगे हैं. फूलगोभी से भी किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है जिसके कर्ज अब तक नहीं चुका पाए हैं.


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