कौन था विक्रम शर्मा जिसके एक इशारे पर अखिलेश सिंह कर देता था किसी का भी काम तमाम! पढ़िये


टीएनपी डेस्क(TNP DESK):आज जमशेदपुर के लिए बहुत बड़ी खबर निकल कर सामने आयी जहां उत्तराखंड के देहरादून में अंडरग्राउंड तरीके से रह रहे बाहुबली विक्रम शर्मा की हत्या कर दी गई.आपको बता दें कि विक्रम शर्मा का जेल में बंद अखिलेश सिंह का गुरु माना जाता है,क्योंकि उसने ही मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग अखिलेश सिंह को दिया था.जानकर यहां तक कहते हैं कि अखिलेश सिंह ने जितने भी आपराधिक घटना को अंजाम दिया वह विक्रम शर्मा के कहने पर ही दिया था.विक्रम शर्मा भले ही आज सफेदपोश बनकर उत्तराखंड के देहरादून में रह रहा था लेकिन एक समय था जब जमशेदपुर के अपराधिक दुनिया में उसकी तूती बोलती थी.विक्रम शर्मा और अखिलेश सिंह का नाम सुनते ही बड़े से बड़े लोग थरथर कांपने लगते थे.
गैंगस्टर अखिलेश सिंह का गुरु माना जाता था विक्रम शर्मा
आपको बता दे कि फ़िलहाल विक्रम शर्मा उत्तराखंड के देहरादून में रह रहा था और समाज सेवा का भी काम करता था, लेकिन अगर विक्रम शर्मा के इतिहास को निकाल कर देखा जाए तो झारखंड के गैंगस्टर अखिलेश सिंह का गुरु माना जाता था.जमशेदपुर में जितने भी बड़े-बड़े हत्याकांड को अखिलेश सिंह ने अंजाम दिया उसमे कहीं ना कहीं विक्रम शर्मा का हाथ जरूर था.आपको बता दें कि विक्रम शर्मा पर कुल 50 आपराधिक मामले दर्ज थे जिसमे से 30 हत्या के मामले थे.
श्रीलेदर मलिक के हत्याकांड में भी था विक्रम शर्मा का हाथ !
जमशेदपुर में श्री लेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या आप सभी को पता होगी.इसमे मुख्य आरोपी के तौर पर अखिलेश सिंह के साथ विक्रम शर्मा का नाम भी उजागर हुआ था. जिसके बाद पुलिस विक्रम शर्मा के पीछे पड़ गई.10 साल पहले विक्रम शर्मा ने जमशेदपुर छोड़ दिया था और देहरादून में जाकर नाम बदल कर रहा था, लेकिन जमशेदपुर पुलिस भी कहां मानने वाली थी उसने विक्रम शर्मा को किराया के मकान से गिरफ़्तार कर लिया और जेल में डाल दिया था. वही इसके बाद से विक्रम शर्मा अंडरग्राउंड तरीके से देहरादून में रह रहा था और वहां अपना बिजनेस चला रहा था.
जमशेदपुर के कई बड़े नेता पुलिस अधिकारियों से भी था रिश्ता
वही उसने सामने से नहीं लेकिन पीछे से अपना काला कारोबार नहीं छोड़ा और अखिलेश सिंह को अपने गिरोह का चेहरा बना दिया.जमशेदपुर में टाटा स्टील के अधिकारी जयराम सिंह ट्रांसपोर्टर अशोक सिंह की हत्या के साथी विक्रम शर्मा ने अखिलेश सिंह से अंजाम दिलवाया.हालंकी विक्रम शर्मा निजी तौर पर काफी शांत स्वभाव का था, वह मास्टरमाइंड था और अपने आप को काफी शांत रखता था.उसका पुलिस राजनेता और मीडिया के कई बड़े लोगों से रिश्ता था.
अखिलेश सिंह और विक्रम शर्मा में गुरु शिष्य का रिश्ता था
विक्रम शर्मा और अखिलेश सिंह का रिश्ता गुरु शिष्य का है अब यह रिश्ता कैसे बना चलिए हम आपको बता देते है. दअरसल विक्रम शर्मा मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट था. विक्रम बच्चों को मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देता था, जहां मार्शल आर्ट सिखने के लिए जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह भी उसके पास आया करता था.मार्शल आर्ट सिखने के दौरान बिक्रम शर्मा बच्चों को चाइनीज फिल्में दिखाता था.इसी दौरान अखिलेश सिंह और विक्रम शर्मा के बीच इतनी अच्छी बॉन्डिंग हो गई थी,कि वह उसे अपना गुरु मानने लगा.ऐसा कहा जाता है कि विक्रम शर्मा अगर एक बार इशारा कर देते तो अखिलेश सिंह वह काम करने में में सेकेंड भी नहीं लगाया था.
पहले ट्रांसपोर्टर की हत्या फिर उसकी पत्नी से भाई की शादी
विक्रम शर्मा इतना शातिर था कि उसने जिस ट्रांसपोर्टर से हत्या करवाई, उसकी पत्नी से अपने भाई की शादी कर दी क्योंकि ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा के पास काफी संपत्ति थी जिसका उसको लालच था.उसने अपने भाई अरविंद शर्मा की शादी पिंकी शर्मा से करवा दी.
पढ़िये जमशेदपुर के वह हत्याकांड जिसमे आया था विक्रम का नाम
अब चलिए हम जमशेदपुर के ऐसे हत्यकांडों के बारे में आपको बता देते हैं जिसमे विक्रम शर्मा का नाम था.साल 2007 , 2 नवंबर जहां साक्षी आमबगान जसलीडर्स के मलिक आशीष दे की हत्या कर दी गई इसमें विक्रम शर्मा का नाम ही शामिल था.साल 2008 15 मार्च के दिन साकची में रवि चौरसिया पर फायरिंग,16 मई 2008 को साकची में श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे के घर पर फायरिंग,25 जुलाई 2008 को बिष्टुपुर में कांग्रेसी नेता नट्टू झा के कार्यालय पर गोली चली,17 अगस्त 2008 को बर्मामाइंस में अपराधी परमजीत सिंह के भाई सत्येंद्र सिंह की ससुराल में फायरिंग,28 अगस्त 2008 को साकची में ठेकेदार रंजीत सिंह पर फायरिंग17 सितंबर 2008 को एमजीएम अस्पताल मोड़ पर बंदी परमजीत सिंह पर फायरिंग,4 अक्टूबर 2008 को बिष्टुपुर में बाग-ए-जमशेद के पास टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह की हत्या,2008 में बिष्टुपुर में कीनन स्टेडियम के पास ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या
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