झारखंड में कब खत्म होगा नक्सलवाद! क्या है पुलिस की आगे की रणनीति, जानिए और कितने बचे हैं एक करोड़ के इनामी नक्सली

    झारखंड में कब खत्म होगा नक्सलवाद! क्या है पुलिस की आगे की रणनीति, जानिए और कितने बचे हैं एक करोड़ के इनामी नक्सली

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : बोकारो मुठभेड़ में मिली सफलता के बाद सुरक्षाबल उत्साहित हैं. उनका मनोबल काफी बढ़ा हुआ है. अब झारखंड में नक्सलियों के खात्मे को लेकर निर्णायक लड़ाई तैयारी तेज कर दी गई है. डीजीपी और गृह सचिव खुद पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं कि नक्सलियों को कैसे खत्म किया जाए. देखा जाए तो सेंट्रल कमेटी के सदस्य प्रयाग मांझी जिस पर एक करोड़ रुपये का इनाम था वो मारा जा चुका है, लेकिन अब सुरक्षाबल असीम मंडल, अनल दा और पीबीएम यानी पोलिट ब्यूरो के सदस्य मिसिर बेसरा को निशाना बनाकर आगे बढ़ रहे हैं.

    जब बड़े माओवादी खत्म हो जाएंगे तो कैडर खुद ही खत्म हो जाएंगे-डीजीपी

    डीजीपी भी इसे समझ रहे हैं. इसीलिए अब कोल्हान के सारंडा को सीधे जीतने की रणनीति बनाई गई है. साफ तौर पर कहा गया है कि बारिश आने से पहले कोल्हान के जंगलों से भी नक्सलियों का सफाया कर दिया जाएगा. सारंडा इलाके में अब सीआरपीएफ कोबरा और झारखंड पुलिस की अतिरिक्त टीमें तैनात की जा रही हैं, ताकि उन्हें चारों तरफ से घेरकर मारा जा सके.

    डीजीपी ने कहा कि निशाना सीधा और निर्णायक होगा, निर्णायक लड़ाई शुरू हो चुकी है और कोल्हान को भी जल्द ही नक्सल मुक्त बनाया जाएगा. उस इलाके में लंबे समय से अभियान चल रहा है. नक्सली सिर्फ एक इलाके तक सीमित रह गए हैं, जहां जल्द ही सफाई देखने को मिलेगी.

    आपको बता दें कि सारंडा के जंगलों में एक करोड़ रुपये के इनामी तीन नक्सली घूम रहे हैं, यही वजह है कि यहां आए दिन मुठभेड़ होती रहती है, लेकिन अब सुरक्षा बल के जवान नक्सलियों के काफी करीब हैं. जिस तरह से पिछले दिनों जवानों की शहादत हुई है, उसका बदला लेते नजर आएंगे, ऐसी कार्रवाई देखने को मिलेगी जिससे बूढ़ा पहाड़ के बाद कोल्हान भी नक्सलियों से मुक्त हो जाएगा.

    रिपोर्ट-समीर


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news