GST कम होने से कितनी राहत! समझिए 5000 रुपये के घरेलू सामानों की खरीदारी पर कितने की हो रही बचत

    GST कम होने से कितनी राहत! समझिए 5000 रुपये के घरेलू सामानों की खरीदारी पर कितने की हो रही बचत

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : देश में जीएसटी 2.0 लागू हो चुका है, 22 सितंबर, यानी नवरात्रि के पहले दिन से, आम आदमी द्वारा लगभग रोज़ाना खरीदी जाने वाली कई चीज़ों के दाम कम हो गए हैं. कुल मिलाकर, GST 2.0 त्योहारों से पहले आम आदमी की जेब को राहत पहुंचा रहा है. दिवाली और छठ पूजा से पहले GST दरों में कमी लोगों को ज़्यादा खरीदारी करने के लिए प्रोत्साहित करेगी. इससे त्योहारी सीजन में बाजारों में चहल-पहल बढ़ने की उम्मीद है. रोजमर्रा की चीजें सस्ती होने से आम लोगों को काफी राहत मिलने वाली है.

    हालांकि रसोई के लिए GST 2.0 राहत के जगह आफत बना हुआ नजर आ रहा है. जिसके कारण किचेन का बजट बिगड़ गया है. चावल, आटा, सरसों को तेल, मैदा, काजू, किशमिश, बादाम, चीनी की कीमत घटने के बजाए ऊंचे दाम पर बिक रहे हैं. सोनाचूर चावल, जो दो महीने पहले 110-130 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब 180-200 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. बासमती चावल, जो पहले 90-110 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब 100-120 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. इसी तरह, सरसों का तेल भी ऊंचे दामों पर बिक रहा है, जो इस समय बाजार में 170-200 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. आटा, जो दो महीने पहले 34-35 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब 38-40 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. चीनी, जो पहले 44-45 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, अब 48-50 रुपये प्रति किलो बिक रही है. काजू, जो पहले 800-850 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब 900-950 रुपये प्रति किलो बिक रहा है.

    जानिए कौन सी चीजें कितनी हुई सस्ती

    यूएचटी दूध

    दूध और सब्जियों पर पहले जीएसटी लागू नहीं था और अब भी नहीं है. हालाँकि, अल्ट्रा हाई टेम्परेचर मिल्क (यूएचटी मिल्क), जिस पर पहले 5% कर लगता था, उसे जीरो जीएसटी व्यवस्था में शामिल कर लिया गया है. इसके बाद, अमूल से लेकर मदर डेयरी तक, कंपनियों ने 22 सितंबर से इसकी कीमतें कम कर दी हैं. 1 लीटर यूएचटी दूध (टोंड-टेट्रा पैक) अब ₹77 की बजाय ₹75 में और 450 मिलीलीटर दूध का पैक ₹33 की बजाय ₹32 में मिलेगा.

    पनीर

    दूध के साथ-साथ, पनीर पर लगने वाला 12% जीएसटी भी हटा दिया गया है और इसे जीरो जीएसटी स्लैब में शामिल कर लिया गया है. बचत के लिहाज से, अगर आप ₹90 में 200 ग्राम पनीर का पैकेट खरीदते थे, तो अब आपको ₹10 कम देने होंगे.

    मक्खन

    रोज़मर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाला एक प्रमुख डेयरी उत्पाद, मक्खन, सोमवार से सस्ता हो गया है. जीएसटी दर में कटौती के बाद, 500 ग्राम मक्खन, जो पहले ₹305 में मिलता था, अब ₹285 में मिलेगा और 100 ग्राम बटर बार ₹62 की जगह ₹58 में मिलेगा.

    घी

    घी को तरल सोना भी कहा जाता है और जीएसटी दर में कटौती का असर इसकी कीमतों पर भी पड़ा है, क्योंकि सरकार ने इस पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया है. नतीजतन, विभिन्न कंपनियों के घी की कीमतों में कमी आई है. अमूल घी (1 लीटर कार्टन पैक) अब ₹650 की जगह ₹610 में मिलेगा, जबकि मदर डेयरी घी (1 लीटर कार्टन पैक) अब ₹675 की जगह ₹645 में मिलेगा. पतंजलि गाय घी (900 मिली पैक) की कीमत अब ₹780 से घटाकर ₹731 कर दी गई है.

    आइसक्रीम

    अन्य वस्तुओं के साथ-साथ आइसक्रीम को भी जीएसटी दरों में कटौती का लाभ मिलेगा. नई दरें लागू होने से पहले ही, कई कंपनियों ने अपने आइसक्रीम उत्पादों की कीमतों में कटौती की घोषणा कर दी थी. अमूल की नई मूल्य सूची के अनुसार, 22 सितंबर से 1 लीटर वनीला मैजिक कप की कीमत अब 195 रुपये की बजाय 180 रुपये होगी, जबकि 125 मिलीलीटर शुगर-फ्री शाही अंजीर आइसक्रीम की कीमत 50 रुपये की बजाय 45 रुपये होगी.

    इसके अलावा, बटरस्कॉच (125 मिलीलीटर) और कुल्फी पंजाबी (60 मिलीलीटर) की कीमतों में 5 रुपये की कमी की गई है. मदर डेयरी की आइसक्रीम की कीमतों पर नज़र डालें तो कंपनी ने जीएसटी कटौती का लाभ उठाते हुए आइस कैंडी (45 ग्राम), 50 मिलीलीटर वनीला कप और 30 मिलीलीटर चोकोबार की कीमत 10 रुपये से घटाकर 9 रुपये कर दी है.

    ब्रेड

    ब्रेड, पिज़्ज़ा ब्रेड और कई तरह की ब्रेड घरों में रोज़ाना इस्तेमाल होती हैं. चाहे चाय के साथ ब्रेड हो या सैंडविच, सरकार ने इन पर भी बड़ी राहत दी है. ब्रेड को भी 5% जीएसटी स्लैब से हटाकर शून्य जीएसटी श्रेणी में डाल दिया गया है. यानी अब इस पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा. ब्रेड का जो पैकेट पहले ₹20 का मिलता था, वह अब ₹1 कम यानी ₹19 में मिलेगा.

    पास्ता, कॉर्न फ्लेक्स, नूडल्स

    बच्चों की सुबह की शुरुआत पास्ता, कॉर्न फ्लेक्स और नूडल्स से होती है, जो अक्सर घर पर बनाए जाते हैं. अब इन खाद्य पदार्थों पर भी कुछ राहत मिली है. 22 सितंबर से ये सभी चीज़ें सस्ती हो गई हैं. 12-18% वाले स्लैब को घटाकर 5% टैक्स स्लैब में शामिल कर दिया गया है. नूडल्स के ₹100 वाले पैकेट पर अब ₹18 या ₹12 की बजाय ₹5 का टैक्स लगेगा.

    बिस्कुट और नमकीन

    सरकार ने रोज़मर्रा की चीज़ों पर जीएसटी कम करने पर ख़ास तौर पर ध्यान केंद्रित किया है. इस सूची में रोज़मर्रा के स्नैक्स और बिस्कुट भी शामिल हैं, जिन पर पहले 12% से 18% तक का टैक्स लगता था, लेकिन अब इसे घटाकर 5% कर दिया गया है. 5 रुपये वाले नाश्ते पर पहले 12% टैक्स के आधार पर 60 पैसे का जीएसटी लगता था, लेकिन अब केवल 25 पैसे ही लगेंगे. वहीं, बिस्कुट 18% टैक्स स्लैब में आ गए हैं, और 5 रुपये वाले पैकेट पर पहले 90 पैसे का टैक्स लगता था, जो अब घटकर सिर्फ़ 25 पैसे रह जाएगा.

    तेल, शैम्पू और साबुन

    रोज़मर्रा की चीज़ों की सूची में तेल, शैम्पू और साबुन जैसी चीज़ें भी शामिल हैं. इन पर लगने वाला टैक्स 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है. 100 रुपये के बेस प्राइस वाले शैम्पू पैक पर पहले 18 पैसे का जीएसटी लगता था, जो अब केवल 5 रुपये होगा. ग्राहकों को अब 118 रुपये का शैम्पू पैक 105 रुपये में मिलेगा. तेल और साबुन पर भी इतनी ही बचत होगी.

    चॉकलेट और मिठाइयाँ

    रविवार को जीएसटी सुधारों पर अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने कहा कि त्योहारों से पहले ही देश में मिठाइयों की माँग बढ़ गई है. इसलिए, चॉकलेट और मिठाइयों का ज़िक्र करना ज़रूरी है, क्योंकि त्योहारों के दौरान इनकी बिक्री आसमान छूती है. इसके अलावा, ये चीज़ें रोज़मर्रा की घरेलू चीज़ों का भी हिस्सा हैं. नए बदलावों के बाद, ₹50 की चॉकलेट अब ₹44 में मिलेगी, जबकि ₹400 प्रति किलो के लड्डू या अन्य मिठाइयों पर ₹72 का कर घटकर सिर्फ़ ₹20 रह जाएगा. इससे जनता को काफ़ी बचत होगी.

    पेंसिल, रबड़ और नोटबुक

    सरकार ने जीएसटी सुधारों के तहत बच्चों पर भी विशेष ध्यान दिया है, जिससे उनकी शिक्षा से जुड़ी सभी चीज़ें जीएसटी-मुक्त हो गई हैं. नोटबुक, पेंसिल, रबड़ और अन्य वस्तुओं पर 12% जीएसटी को घटाकर शून्य कर दिया गया है. ग्लोब, नक्शे, अभ्यास पुस्तकें, ग्राफ़ बुक और प्रयोगशाला नोटबुक भी अब कर-मुक्त हैं.


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