पुलिस की कार्रवाई से नाखुश विपुल के परिजन झारखंड सरकार से लगा रहे हैं इंसाफ की गुहार, जानिए क्या है मामला

    पुलिस की कार्रवाई से नाखुश विपुल के परिजन झारखंड सरकार से लगा रहे हैं इंसाफ की गुहार, जानिए क्या है मामला

    बोकारो ( BOKARO) : बोकारो जिला अंतर्गत पेटरवार थानाक्षेत्र स्थित पिछरी गांव निवासी गुलचंद मिश्रा ने अपने 24 वर्षीय पुत्र विपुल मिश्रा की हत्या मामले में अबतक के पुलीसिया कार्रवाई से काफी नाराज दिख रहे हैं. पुलिस के द्वारा इस हत्याकांड में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है. लेकिन गुलचंद मिश्रा सहित अन्य परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस द्वारा मामले को भर्मित कर लीपापोती किया जा रहा है. परिजनों के अनुसार यदि पुलिस मामले को सही से जांच कर कार्रवाई नहीं करती है तो वे इसे लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री आवास पर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे.

    जानिए क्या है पूरा मामला

    आपको बता दें कि बोकारो जिले के पेटरबार थानाक्षेत्र स्थित पिछरी गांव निवासी विपुल कुमार मिश्रा की हत्या बीते 29 अप्रैल की देर शाम उसके दोस्तों ने मिलकर कर दी थी. इस संबंध में परिजनों ने विरहोरबेड़ा निवासी लखन नायक तथा लेनिन राज नायक पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा है कि इन दोनों ने उनके पुत्र विपुल मिश्रा को पास के ही ड़हरडीह कलवर्ट के पास बुलाकर टांगी से हमला कर निर्मम हत्या कर दी है. कहा कि पुलिस के द्वारा ही इस घटना की जानकारी हमलोगों को दी गई. पुलिस ने घटना की रात्रि ही आरोपी लखन नायक को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि दूसरा आरोपी लेनिन राज नायक ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था. कहा कि पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त हथियार (टांगी) की बरामदगी भी कर लिया गया है, जबकि मृतक विपुल का मोबाईल बरामद नहीं किया जा सका है.

    वहीं कांड के अनुसंधानकर्ता पेटरवार थाना के पुलिस अवर निरीक्षक सुनील कुमार पटेल ने इस संबंध में दूरभाष पर बताया कि थाना में 30 अप्रैल को मामला दर्ज करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं. उन्होंने कहा कि आरोपियों की स्वीकारोक्ति बयान के अनुसार विपुल मिश्रा के द्वारा आरोपियों को पूर्व में समय-समय पर किस्तों में कुल तैतिस हजार रुपया दिया गया था, जिसमें सात हजार रुपये आरोपियों द्वारा वापस कर दिया गया था. इसके बावजूद विपुल के द्वारा मूलधन के अलावा और पैसे की मांग आरोपियों से की जाती थी.

    कहा कि आरोपियों के अनुसार मृतक उससे कहीं भी और कभी भी बकाया पैसों की मांग करता रहता था, जिससे वे स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे थे. इस कारण आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी थी. अनुसंधानकर्ता ने मृतक का मोबाइल बरामदगी के बाबत बताया कि आरोपी जल्दबाजी में हत्या की घटना को अंजाम देकर वहां से भाग गये थे, इसलिए उक्त मोबाइल को बरामद नहीं किया जा सका है. पुलिस इसके लिए प्रयासरत है.

    दूसरी ओर मृतक के पिता गुलचंद मिश्रा, पुलिस की इस कार्यवाही से नाखुश हैं. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस मामले में ढुलमूल रवैया अपना रही है. उन्होंने बताया कि उनका पुत्र रांची के गोस्सनर कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था, इसलिए पुलिस द्वारा यह कहा जाना कि आरोपियों को उनके पुत्र द्वारा कर्ज पर रुपया दिया गया था, जो सरासर गलत और सच्चाई से कोसो दूर है. उन्होंने बताया कि पुलिस को चाहिए कि उनके पुत्र का मोबाइल की बरामदगी कर सीडीआर जांच करें, ताकि इस हत्याकांड का खुलासा हो सके. अन्यथा इसका लाभ न्यायालय में आरोपियों को मिल सकता हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस मोबाइल बरामदगी के लिए किसी भी स्तर से प्रयास नहीं कर रही है. उक्त मोबाइल की बरामदगी से हीं हत्याकांड का उदभेदन होने की संभावना है.

    पिता गुलचंद मिश्रा के अनुसार अपने पुत्र विपुल मिश्रा की हत्या के मामले की सच्चाई का पर्दाफाश होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा, और अगर इंसाफ नही मिला तो वे जल्द हीं झारखंड के मुख्यमंत्री आवास पर घटना की फोरेन्सिक जांच, फिंगर प्रिंट की सीबीआई, सीआईडी तथा एनआईए जांच की मांग को लेकर पूरे परिवार के साथ धरना प्रदर्शन करेंगे.

    रिपोर्ट-संजय कुमार

     


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