सब्जियों ने बिगाड़ा किचेन का बजट: आलू-प्याज महंगा, हरी सब्जियों के भाव आसमान पर, टमाटर के दाम लोगों के चेहरे कर रहे लाल

    सब्जियों ने बिगाड़ा किचेन का बजट: आलू-प्याज महंगा, हरी सब्जियों के भाव आसमान पर, टमाटर के दाम लोगों के चेहरे कर रहे लाल

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : बारिश का मौसम शुरू होते ही सब्जी मंडी में सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं. कुछ सब्जियों के दाम दोगुने से भी ज्यादा हो गए हैं. इसके चलते आम आदमी की थाली से हरी सब्जियां गायब होने लगी हैं. टमाटर के दाम 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं. आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले आलू और प्याज भी 30 रुपए प्रति किलो पर मिल रहे हैं. सब्जी मंडी में दुकान लगाने वाले दुकानदारों का कहना है कि बारिश शुरू होने पर हर साल ऐसे हालात बनते हैं, लेकिन इस बार दाम काफी बढ़ गए हैं. जिससे रसोई का पूरा बजट गड़बड़ा गया है. जहां एक महीने पहले 7 दिन में औसतन सब्जी 500 रुपए के आसपास आती थी, वहीं अब यह बजट 1000 रुपए तक हो गया है.

    सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि सब्जी के दाम ऊंचे हैं. इसके बावजूद पर्याप्त सब्जियां नहीं मिल पा रही हैं. सामान्य सब्जियां भी इस बार महंगी हैं. जब तक नई सब्जियां नहीं आएंगी, तब तक दाम कम नहीं होंगे. स्थानीय सब्जियां बिल्कुल नहीं आ रही हैं. नाममात्र की आ रही हैं, जिसमें लौकी और अन्य सब्जियां शामिल हैं. मांग और आपूर्ति में अंतर के कारण दाम बढ़े हैं.

    कम हुआ उत्पादन

    सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि सब्जियों के दामों में यह बढ़ोतरी हर साल होती है. 15 जून से 15 अगस्त तक दाम ऐसे ही रहेंगे. कभी बारिश होती है, कभी धूप निकलती है. इससे सब्जियों के पौधों के फूल झड़ जाते हैं. जहां एक बीघा में 10 टोकरी सब्जियां पैदा होती हैं, अब दो टोकरी ही सब्जियां पैदा हो रही हैं.

    टमाटर की कीमत 60 से 100 रुपए किलो हो गई है. इसकी क्वालिटी भी अच्छी नहीं मिल रही है. मिर्च भी अच्छी क्वालिटी की नहीं मिल रही है. धनिया का भी कोई तय दाम नहीं है. धनिया 350 से 400 रुपए किलो बिक रहा है. प्याज की कीमत भी इसी तरह बढ़ी है. कद्दू, लौकी, भिंडी, अरबी अभी भी दोगुने दाम पर मिल रही है.

     


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