दो दशक का कड़ा संघर्ष, सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड और आज आखिरी मैच, जानिए किस भारतीय खिलाड़ी की हो रही बात  

    दो दशक का कड़ा संघर्ष, सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड और आज आखिरी मैच, जानिए किस भारतीय खिलाड़ी की हो रही बात  

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): चकदा एक्सप्रेस के नाम से मशहूर क्रिकेटर झूलन गोस्वामी आज अपने अंतर्राष्ट्रीय कैरियर का आखिरी मैच खलने उतरेंगी. उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा करने की घोषणा कर दी है. झूलन गोस्वामी ने अपने 20 साल के कैरियर में कई मुकाम हासिल किए. उनकी क्रिकेट को लेकर दिलचस्पी की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है.

    उनकी कहानी शुरू होती है 29 दिसंबर 1997 से, इडेन गार्डन के मैदान पर न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच महिला वर्ल्डकप का फाइनल खेला जा रहा था. उसी मैच में झूलन बॉल गर्ल की ड्यूटी में थी. उसी समय उन्होंने क्रिकेटर बनने का सपना देखा. जिसे उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और परिश्रम के बल पर पूरा भी किया. 2002 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपना डेब्यू करने वाली झूलन के लिए क्रिकेटर बनने की राह आसान नहीं थी. बंगाल के एक छोटे से गांव से आने वाली झूलन को क्रिकेट खेलना तो पसंद था, लेकिन उसे कोई खेलने नहीं देता था. घर वाले मान भी जाते तो आस-पास के लड़के उसे अपने साथ खेलने नहीं देते थे. क्योंकि झूलन की गेंद बहुत धीमी आती थी. झूलन ने इसे चैलेंज के रूप में लिया और तेज गेंद फेंकने की लगातार कोशिश करने लगी. मगर, गांव में ट्रेनिंग की कोई सुविधा नहीं थी. ऐसे में झूलन रोज सुबह ट्रेन पकड़कर कोलकाता जाती, ट्रेनिंग करती और फिर वापस आ जाती थी.     

    कैरियर में हासिल किए कई मुकाम  

    दो दशक के कड़े संघर्ष के बाद आज जब वह सन्यास ले रही हैं तो उन्हें सिर्फ एक चीज का मलाल रहेगा- वर्ल्डकप नहीं जीत पाने का. इसके अलावा उन्होंने हर वो उपलब्धि हासिल की जो वह एक बतौर गेंदबाज कर सकती थी. इस आखिरी मैच से पहले झुलान के नाम वनडे क्रिकेट में 253 विकेट दर्ज हैं.

    इसके साथ ही उन्होंने सभी फॉर्मैट मिला कर कुल 353 विकेट लिए हैं. 2008 में वह भारतीय टीम की कप्तान भी बनी थी. झूलन ने अपने कैरियर में कई सारे रिकॉर्ड बनाए. महिला वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड झूलन गोस्वामी के नाम है. इसके साथ ही वह आईसीसी की रैंकिंग में नंबर वन गेंदबाज भी रही हैं. अभी जब उन्होंने रिटायरमेन्ट की घोषणा कर दी है तब भी वह रैंकिंग में पांचवे पायदान पर हैं. उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि 2007 में आई. जब उन्हें आईसीसी वुमन्स प्लेयर ऑफ़ द ईयर से नवाजा गया. ये उपलब्धि पाने वाली वह पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनी.        

    पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज की गैर मौजूदगी में पहला सीरीज

    झूलन गोस्वामी और मिताली राज के बीच गहरी दोस्ती है. मैदान पर भी इसकी झलक दिखती रहती है. मिताली पहले ही क्रिकेट को अलविदा कह चुकी हैं. मिताली के रिटायरमेंट के बाद यह पहला सीरीज है जो झूलन खेल रही हैं. इंग्लैंड के खिलाफ इस तीन मैचों की सीरीज में भारतीय टीम ने 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है. आज इस सीरीज का आखिरी मैच लॉर्ड्स में खेला जाएगा. जो झूलन के साथ ही सभी क्रिकेट फैंस के लिए यादगार होने वाला है.      

     


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