कबतक झारखंड की नौकरियों पर रहेगा बाहरी लोगों का कब्जा, आखिर कब बनेगी राज्य में डोमिसाइल नीति

    कबतक झारखंड की नौकरियों पर रहेगा बाहरी लोगों का कब्जा, आखिर कब बनेगी राज्य में डोमिसाइल नीति

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK):
    झारखंड अलग राज्य की कल्पना हुई और यह अलग राज्य बना भी. फिर उठा स्थानीयता और 1932 खतियान का मुद्दा जो अब भी जारी है. ऐसे में एक और मांग है जो राज्य के छात्रों के बीच से उठती हुई नजर आ रही है और वो है डोमिसाइल नीति या डोमिसाइल पॉलिसी.

    क्या है डोमिसाइल नीति: 

    दरअसल डोमिसाइल नीति एक ऐसी नीति है जिसके तहत राज्य में होने वाली सरकारी नौकरियों की परीक्षा में राज्य के मूल निवासी को प्राथमिकता दी जाती है. इस नीति के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं में दूसरे राज्य के लोगों को तवज्जो न देकर अपने राज्य के लोगों को नौकरियों में प्राइऑरटी दी जाती है जिससे नौकरी मिलने की संभावना बढ़ सकती है.

    झारखंड में क्यू उठी डोमिसाइल नीति की मांग: 

    झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की हाल से कोई भी अनजान नहीं है. समय पर परीक्षाओं के विज्ञापन ना निकालना, परीक्षा होती है भी है तो समय पर परिणाम  प्रकाशित ना होना, परिणाम निकाले भी जाते हैं तो भी कभी पेपर लीक, तो कभी किसी और कारण से परीक्षाओं को रद्द करना, और अगर पेपर रद्द नहीं भी हुआ तो मामला कोर्ट तक पहुच जाता है. कोर्ट में मामले सालों साल तक भी चलते है और उमीदवारों की मेहनत पर भी पानी फिर जाता है. ऐसे में अगर इन बदहाली से कोई परीक्षा बच भी जाए तो दूसरे राज्य के उम्मीदवारों द्वारा भी भारी संख्या में परीक्षा में भाग लिया जाता है. ऐसे में बचे कुचे सीटों पर झारखंडियों को मौका मिल पाता है. अब अगर राज्य में डोमिसाइल नीति लागू होती है तो राज्य के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में तवज्जो तो मिलेगी ही साथ इन परीक्षाओं में उनके सफल होने के और नौकरी मिलने की भी संभावनाएँ बढ़ जाएगी. औसतन किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में जितनी सीटें मौजूद होती है उसे दोगुना, कभी कभी तो तीन गुना या चार गुना उमीदवार भी शामिल हो जाते हैं.   हालांकि राज्य में डोमिसाइल नीति की मांग कोई नई मांग नहीं है. यह मांग बीते कई दशकों से चली आ रही है और आगे भी कबतक इसकी मांग उठती रहेगी इसका कोई नदाज़ नहीं है. 

    बताते चले की पड़ोसी राज्य बिहार में पहले, शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में डोमिसाइल नीति लागू की गई थी. साल 2020 में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा में डोमिसाइल नीति लागू किया था. इसके बाद शिक्षक भर्ती परीक्षा में मूल निवासियों को ही नौकरी दी जाती थी, लेकिन साल 2023 में बिहार सरकार ने इसे खत्म कर दिया था. 
    हालांकि मध्य प्रदेश, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय और अरुणाचल जैसे कई राज्यों में कुछ नौकरियों में डोमिसाइल नीति लागू है. ऐसे में राज्य में डोमिसाइल नीति लागू करना समय की मांग है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता.


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news