ट्रेंड GEN Z का बदलता दौर! Friendship, Relationship और Situationship तक, क्या है नया ट्रेंड?


टीएनपी डेस्क (TNP DESK): जिटल युग में पली-बढ़ी GEN Z यानी 1997 के बाद जन्मी पीढ़ी आज रिश्तों को देखने और निभाने के तरीके पूरी तरह बदल रही है. जहां पहले दोस्ती, प्यार और शादी के रिश्ते साफ-साफ परिभाषित होते थे, वहीं आज के दौर में “Situationship” जैसे नए शब्द और ट्रेंड तेजी से उभर रहे हैं. यह पीढ़ी भावनाओं के साथ-साथ स्वतंत्रता, मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्पेस को भी उतनी ही अहमियत देती है.
Friendship. दोस्ती अब सिर्फ साथ घूमने तक सीमित नहीं
GEN Z के लिए दोस्ती केवल समय बिताने का जरिया नहीं, बल्कि एक इमोशनल सपोर्ट सिस्टम है. आज की दोस्ती में “Trauma Bonding”, “Emotional Availability” और “Safe Space” जैसे कॉन्सेप्ट शामिल हो गए हैं. दोस्त वही माना जाता है जो जज किए बिना सुने, समझे और जरूरत के वक्त साथ खड़ा रहे. सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने दोस्ती को ग्लोबल बना दिया है, जहां लोग बिना मिले भी गहरे कनेक्शन बना रहे हैं.
Relationship. कमिटमेंट से पहले क्लैरिटी जरूरी
GEN Z के रिश्तों में सबसे बड़ा बदलाव है जल्दबाजी से दूरी. यह पीढ़ी बिना समझे किसी रिश्ते में बंधना नहीं चाहती. उनके लिए रिलेशनशिप का मतलब सिर्फ प्यार नहीं, बल्कि “Mutual Respect”, “Consent” और “Emotional Compatibility” है. Toxic रिश्तों को छोड़ देना अब कमजोरी नहीं, बल्कि सेल्फ-रिस्पेक्ट माना जाता है. यही वजह है कि GEN Z ब्रेकअप को भी खुले तौर पर स्वीकार करती है और मानसिक शांति को प्राथमिकता देती है.
Situationship. न दोस्ती, न पूरी रिलेशनशिप
GEN Z के दौर का सबसे चर्चित ट्रेंड है “Situationship”. यह ऐसा रिश्ता है जिसमें भावनाएं भी होती हैं और साथ भी, लेकिन कोई स्पष्ट कमिटमेंट नहीं. इसमें दोनों लोग एक-दूसरे के करीब होते हैं, समय बिताते हैं, लेकिन रिश्ते को नाम देने से बचते हैं. इसका कारण है भविष्य को लेकर अनिश्चितता, करियर का दबाव और स्वतंत्रता खोने का डर. हालांकि यह ट्रेंड कई बार कंफ्यूजन और इमोशनल स्ट्रेस भी पैदा करता है, क्योंकि उम्मीदें साफ नहीं होतीं.
सोशल मीडिया का गहरा असर
Instagram, Snapchat और Dating Apps ने रिश्तों की परिभाषा बदल दी है. GEN Z के लिए “Seen” और “Reply Time” भी रिश्ते का पैमाना बन गया है. वहीं Dating Apps ने विकल्पों की भरमार कर दी है, जिससे लोग जल्दी किसी एक पर टिकना नहीं चाहते. FOMO यानी Fear of Missing Out भी रिश्तों को प्रभावित कर रहा है.
मानसिक स्वास्थ्य और Self Love पहली प्राथमिकता
GEN Z खुलकर Anxiety, Depression और Therapy पर बात करती है. इस पीढ़ी के लिए Self Love कोई ट्रेंड नहीं, बल्कि जरूरत है. अगर कोई रिश्ता मानसिक शांति छीनता है, तो उससे बाहर निकलना सही माना जाता है. यही सोच रिश्तों को ज्यादा ईमानदार, लेकिन कम स्थायी भी बना रही है.
GEN Z का दौर रिश्तों में आज़ादी, स्पष्टता और भावनात्मक समझ का दौर है. Friendship हो, Relationship या Situationship, इस पीढ़ी के लिए सबसे जरूरी है खुद खुश रहना और खुद को समझना. भले ही यह बदलाव पुरानी पीढ़ियों को उलझन भरा लगे, लेकिन GEN Z अपने तरीके से रिश्तों को नया अर्थ दे रही है.
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