आज शाम रांची पहुंचेगा जम्मू में शहीद हुए हजारीबाग के जवान करमजीत का पार्थिव शरीर, गांव में शोक की लहर

    आज शाम रांची पहुंचेगा जम्मू में शहीद हुए हजारीबाग के जवान करमजीत का पार्थिव शरीर, गांव में शोक की लहर

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : जम्मू में शहीद हुए हजारीबाग के जवान करमजीत का पार्थिव शरीर आज शाम रांची पहुंचेगा. रांची एयरपोर्ट पर शहीद के पार्थिव शरीर को राज्यपाल और सीएम श्रद्धांजलि देंगे. इसके बाद फिर रामगढ़ स्थित पंजाब रेजीमेंट सेंटर में श्रद्धांजलि दी जाएगी. शाम हो जाने के कारण रामगढ़ में ही उनका पार्थिव शरीर रखा जाएगा. कल (गुरुवार) सुबह हजारीबाग पार्थिव शरीर लाया जाएगा, इसके बाद हजारीबाग में ससम्मान अंतिम यात्रा निकलेगी.

    कैप्टन सरदार करमजीत सिंह बक्शी की पांच अप्रैल को शादी होनेवाली थी.  लेकिन अब इस घटना के बाद परिवार में शोक की लहर है. घर वालों का रो रोकर बुरा हाल है. करमजीत की शहादत की खबर ने न सिर्फ उसके परिवार को बल्कि पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. उसकी मां की आंखों में बेटे की शादी के सपने थे, लेकिन अब वही आंखें आंसुओं से भर गई हैं. उसके पिता का सिर गर्व से ऊंचा है, लेकिन बेटे की विदाई के बोझ से उनके कंधे झुके हुए हैं. जो बहन अपने भाई की बारात में नाचने की तमन्ना लेकर बैठी थी, अब उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.

    हजारीबाग के जुलू पार्क में रहता है अमर शहीद करमजीत सिंह का परिवार

    सरदार करमजीत सिंह बक्शी अखनूर के एलओसी पर पोस्टेड थे, पेट्रोलिंग के दौरान आतंकियों के द्वारा आईईडी ब्लास्ट में ये घायल हुए. घायल होने के उपरांत सेना के द्वारा उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उनका देहांत हो गया, मालूम हो की सरदार करमजीत सिंह भारतीय सेना में कैप्टन के पद पर थे. हजारीबाग के जुलू पार्क में उनका परिवार रहता है. परिजनों के अनुसार, पांच अप्रैल को जम्मू में उनकी शादी होनेवाली थी. वे 10 दिन पूर्व हजारीबाग से गए थे. सरदार करमजीत सिंह बक्शी के पिता का नाम अजिंनदर सिंह बक्शी और माता का नाम नीलू बक्शी हैं. वह एक भाई और एक बहन हैं. घर के बड़े पुत्र थे. इनका परिवार होटल के व्यवसाय से जुड़ा है.

     


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