दागी हुई वर्दी! 4 लाख की रिश्वत लेते क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर रंगेहाथ गिरफ्तार, मर्डर केस से नाम हटाने की हुई थी डील


टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. हापुड़ क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह को चार लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया. आरोप है कि इंस्पेक्टर एक मर्डर केस में दो आरोपियों के नाम एफआईआर और चार्जशीट से हटाने के बदले पैसे मांग रहा था. यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के मेरठ के रोहटा रोड इलाके में की गई, जहां रिश्वत लेते ही विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया.
बागपत मर्डर केस से जुड़ा है मामला
पूरा मामला बागपत जिले के रिछपाल हत्याकांड से जुड़ा हुआ है. शुरुआत में इस केस की जांच स्थानीय पुलिस कर रही थी, लेकिन करीब 10 दिन बाद केस को हापुड़ ट्रांसफर कर दिया गया. इसके बाद से हापुड़ क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही थी और इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ही इस केस के जांच अधिकारी थे. शिकायतकर्ता लोकेश बैसला का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने अजय पाल और मनोज नाम के आरोपियों को केस से बाहर करने के लिए चार लाख रुपये की मांग की थी.
जमीन के सौदे के बाद हुई थी हत्या
लोकेश बैसला के अनुसार, उन्होंने साल 2021 में बागपत के खेकड़ा थाना क्षेत्र के गोटखा गांव में रिछपाल से करीब दो बीघा जमीन खरीदी थी. कुछ समय बाद रिछपाल का शव गांव में ही एक पेड़ से लटका मिला. इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था. जांच के दौरान ही कथित तौर पर रिश्वतखोरी का यह पूरा मामला सामने आया.
इंस्पेक्टर की लगातार मांग से परेशान होकर लोकेश बैसला ने विजिलेंस विभाग में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद विजिलेंस टीम ने पूरी योजना बनाकर ट्रैप लगाया. बुधवार को जैसे ही इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह ने रोहटा रोड इलाके में चार लाख रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया. बताया जा रहा है कि इसी इलाके में इंस्पेक्टर का निजी मकान भी है.
मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि इंस्पेक्टर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. मामले की पुलिस और विजिलेंस स्तर पर गहराई से जांच होगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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