आपस में चंदा कर ग्रामीणों ने बना लिया पुल, जानिये 75 साल तक क्यों नहीं सुनी गई उनकी फरियाद

    आपस में चंदा कर ग्रामीणों ने बना लिया पुल, जानिये 75 साल तक क्यों नहीं सुनी गई उनकी फरियाद

    मुजफ्फरपुर(MUZAFFARPUR): कटरा प्रखंड के डुमरी गांव की दशा आज सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है. दरअसल इस गांव की आबादी करीब 3 हजार है. इसमें सभी जाति के लोग रहते हैं. सभी एक दूसरे से मिलकर हंसी- खुशी जीवन बिता रहे हैं. लेकिन, एक ही चीज है, जो इस गांव के विकास को काफी पीछे धकेल देती है. वह है पुल. जी हां, आजादी को 75 साल बीतने को आये पर इस गांव के लोगों को एक पुल नसीब नहीं हुआ. इस गांव से होकर लखनदेई नदी की धार बहती है. जब भी बाढ़ आती है तो इस गांव के लोग चिंतित हो उठते हैं. प्रखंड मुख्यालय से इनका संपर्क भंग हो जाता है. जबतक पानी लगा रहता है आवागमन में काफी परेशानी होती है. खुद से चचरी पुल बनाकर यहां के लोग आवागमन करते हैं. चचरी का बना पुल कभी भी ध्वस्त हो जाता है. 

    ग्रामीण खुद ही करेंगे पुल का उद्घटान 

    लोग दशकों से नेता मंत्रियों और विधायकों से फरियाद लगाते रह गए. सब जगह से आश्वासन मिला. लेकिन, किसी ने पुल नहीं बनवाया. अब ग्रामीणों ने खुद चंदा जमा कर पुल बनवाने का काम शुरू कर दिया और 20 दिन के भीतर ही ये पुल बनकर तैयार है. ग्रामीण मोहम्मद शाहिद ने बताया कि सभी के घर-घर जाकर चंदा जुटाया गया हैंं. करीब 8 लाख रुपये जमा हो गए हैं. अब इसी के सहारे आवागमन करेंगे. कहते हैं कि अब कभी सरकार या किसी नेता मंत्री से फ़रियाद नहीं करेंगे. जैसे भी होगा इसी पुल से आवागमन करेंगे. पुल का निर्माण होने से गांव में खुशी का माहौल है. कल इसका ग्रामीण उद्घाटन भी करेंगे. ग्रामीणों में हर्ष है. कहते हैं किसी जनप्रीतिनिधि से एक रुपया भी नहीं लिया. सब ग्रामीणों ने सहयोग दिया है.  हमलोग खुद ही इसका उद्घाटन भी करेंगे.  


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