मां ने विवाहिता बेटी को दी मुखाग्नि, जानिए क्या है वजह


गया(GAYA): हिन्दू मान्यताओं के अनुसार शवयात्रा में शामिल होना, अर्थी को कंधा देना और मुखाग्नि देने जैसा कर्मकांड सिर्फ पुरुष ही करते हैं. महिलाओं की भूमिका घर तक ही सीमित होती है. हिन्दू समाज में यह परम्परा सदियों से चली आ रही है. लेकिन अब जमाना बदल गया है. अब महिलाएं भी मुखाग्नि देती हैं. इस कड़ी में गया से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुन आप भी मर्माहत हो जायेंगे. बिहार में ये पहला मामला है जहां एक मां ने अपनी विवाहित बेटी का अंतिम संस्कार खुद किया. गया के विष्णुपद शमशान घाट पर एक मां ने अपनी बेटी को मुखाग्नि दी. जिसे देख सभी की आंखें नम हो गई.
यह भी पढें:
98 घंटे में बना दी 38 किलोमीटर लम्बी सड़क, बिहार में बना कीर्तिमान
यह है पूरा मामला
हम सभी जानते हैं कि अपने बच्चे की मौत की खबर सुनने के बाद एक मां बदहवास हो जाती है. वह अपना होशोहवास खो देती है. लेकिन इस मां ने अपने कलेजे पर पत्थर रख अपनी विवाहिता बेटी को मुखाग्नि दी. बता दें कि मृतका की मां सावित्री देवी बताती है कि शहर के चंदचौरा मोहल्ले के रहने वाले हेमंत चौधरी उर्फ डब्बू चौधरी की शादी 6 साल पहले उनकी बेटी सपना चौधरी से हुई थी. 1 जुलाई को सपना के मौत की खबर मिली. इसके बाद पुलिस ने शव को ससुराल से संदिग्ध अवस्था में बरामद किया. मृतका के मां ने ह्त्या की आशंका जाहिर की है. मां के बयान पर पति को गिरफ्तार किया गया था. शव के पोस्टमॉर्टम के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया. शव मिलने के बाद दाह-संस्कार के लिए मायके और ससुराल वालों ने अपना-अपना दावा किया. लेकिन पुलिस और मोहल्ले वालों के कहने के बाद मायके वालों शव का अंतिम संस्कार किया गया. जहां मृतक सपना की मां सावित्री देवी ने उन्हें मुखाग्नि दी.
4+