मोकामा में रसूख और प्रभाव का दिखेगा दम, अनंत और सूरजभान आमने सामने! समझिये पूरा समीकरण

    मोकामा में रसूख और प्रभाव का दिखेगा दम, अनंत और सूरजभान आमने सामने! समझिये पूरा समीकरण

    TNP DESK (टीएनपी डेस्क) : मोकामा सीट पर दो बाहुबली आमने सामने है. एक तरफ अनंत सिंह तो दूसरी तरफ सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी चुनाव लड़ रही है. ऐसे में इस सीट पर पूरे बिहार की नजर है. इस सीट पर बाहुबल का प्रभाव और रसूख की लड़ाई दिखेगी. यही वजह है चुनाव आयोग भी मोकामा विधानसभा को लेकर चौकस है. अतिरिक्त CAPF  को अभी से तैनात कर दिया है. इस सीट पर जातीय धुर्वीकरण भी देखने को मिलेगा. मोकामा में सबसे ज्यादा भूमिहार जाति है, इसके बाद मुस्लिम और यादव का नंबर है. अब सूरजभान सिंह की नजर भूमिहार वोट के साथ यादव और मुस्लिम पर भी है. सूरजभान सिंह ने देर रात ही राजद का दामन पत्नी के साथ थामा है. गुरुवार को नामंकन भी दाखिल करेंगे.

    सबसे पहले बात बाहुबली अनंत सिंह कि कर लेते है. अनंत सिंह 2005 से लगातार चुनाव जीत रहे है. तीन बार JDU और एक बार 2020 में जेल से ही RJD के सिंबल पर विधानसभा पहुंचे. इस बीच 2022 में उपचुनाव हुआ और इस सीट पर अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने RJD के टिकट पर जीत दर्ज की है. लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले अनंत सिंह JDU में शामिल हो गए और खुद इस चुनाव में मैदान में उतर गए है. अनंत सिंह ने नामांकन भी दाखिल कर दिया. जिसमें उनकी ताकत देखने को मिली.

    अगर बात अनंत सिंह की करें तो वह भूमिहार जाति से आते है. इस जाति के सबसे ज्यादा वोटर भी मोकामा में है. अगर अनंत सिंह के बाहुबली के प्रभाव पर थोड़ा गौर करें तो आप अंदाजा इस बात से की इनपर 30 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज है.

    अब सूरजभान सिंह की बात करें तो साल 2000 के समय विधानसभा चुनाव में निर्दलीय ही चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे थे. वहीं एक बार लोकसभा का भी चुनाव जीत चुके है. लेकिन एक हत्या के मामले में चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध है जिसके बाद सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी चुनावी मैदान में है. लेकिन यह कहे तो गलत नहीं होगा की चुनाव में नामांकन भले वीणा देवी का होगा लेकिन चुनाव सूरजभान सिंह के नाम पर लड़ा जा रहा है. वोट भी इनके नाम पर ही होना है.

    वीणा देवी भी मुंगेर से संसद रह चुकी है. हालांकि जब जीत हुई थी तब वह भाजपा के टिकट पर लोकसभा पहुंची और जब उसी मुंगेर सीट पर भाजपा से अलग होकर चुनाव लड़ा तो हार का सामना करना पड़ा. अब विधानसभा चुनाव में राजद के टिकट पर चुनाव लड़ने मैदान में है तो दूसरी तरफ अन्नत सिंह JDu से उम्मीदवार है. सबकी नजर यहां मुस्लिम और यादव वोट के साथ साथ भूमिहार पर होने वाली है.

    अब समझ लेते है इस सीट का जातीय समीरण: मोकामा में भूमिहार (20-25%) प्रमुख हैं, उसके बाद यादव (15-20%) और मुस्लिम (15%). वीणा देवी को RJD के यादव-मुस्लिम (MY) वोटबैंक से फायदा होगा, जबकि अनंत सिंह का स्थानीय दबदबा भूमिहार वोटों को उनके पक्ष में झुकाएगा. साथ ही कुर्मी वोट नीतीश कुमार के वजह से अनंत की ओर जा सकता है, लेकिन सूरजभान का प्रभाव कुछ भूमिहार वोटों में सेंध लगा सकता है.

    जातीय समीकरण: भूमिहार vs MY गठजोड़

    मोकामा में कुल ~2.68 लाख मतदाता हैं, और जातीय संरचना इस जंग को तय करेगी:

    • भूमिहार (20-25%, ~50,000-60,000 वोट): सबसे बड़ा वोटबैंक. अनंत का मजबूत आधार, लेकिन सूरजभान सेंध लगा सकते हैं.
    • यादव (15-20%, ~40,000-50,000 वोट): RJD का कोर, वीणा को फायदा.
    • मुस्लिम (15%, ~35,000-40,000 वोट): RJD का समर्थक, MY गठजोड़ (~30-35%) वीणा की ताकत.
    • कुर्मी/कुशवाहा (10-12%, ~25,000-30,000 वोट): नीतीश के प्रभाव से अनंत की ओर.
    • दलित/महादलित (15%) और EBC/OBC (20%): किंगमेकर, बंटवारा तय करेगा.
    • ध्रुवीकरण: भूमिहार वोट का बंटवारा और MY एकीकरण मुकाबले को करीबी बनाएगा.

     

     


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