बिहार में महिला रोजगार योजना पर आया बड़ा अपडेट: दो लाख देने की प्रक्रिया शुरू,अब क्या बोलेंगे तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर!


धनबाद(DHANBAD): बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका से जुड़ी दीदियों को कारोबार करने के लिए दो लाख देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यह रकम कारोबार की प्रगति को देखते हुए किस्तों में दी जाएगी। अच्छा रोजगार अगर चलता हो तो जरूरत के मुताबिक एक साथ राशि भी दी जा सकती है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया एक्स पोस्ट कर यह बात कही है. मतलब साफ है कि नीतीश कुमार सरकार अपने इस निर्णय से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर को जवाब दे दिया है. दरअसल दोनों नेता नीतीश सरकार पर चुनावी वादा निभाने का दबाव डाल रहे थे. लेकिन नीतीश कुमार सरकार यह निर्णय लेकर उनका मुंह बंद कराने का प्रयास किया है. नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर क्या लिखा है, उसे हम हू बहू दे रहे हैं----
क्या कहा है-मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया पर
आप सभी को पता है कि हमलोगों ने राज्य की महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ प्रारंभ की है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि प्रत्येक परिवार की एक महिला उद्यमी के रूप में स्थापित हो सके. इस योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक परिवार की एक महिला को 10 हजार रु० की राशि प्रदान की गई है. अब तक 1 करोड़ 56 लाख लाभुकों के खाते में डी०बी०टी० के जरिए राशि अंतरित कर दी गई है. ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शेष आवेदकों को भी नियमानुसार डी०बी०टी० के माध्यम से उनके खाते में शीघ्र ही राशि भेज दी जाएगी.
अच्छे रोजगार की हालत में एकसाथ भी राशि दी जा सकती है
इस योजना में महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के 6 माह बाद आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार 2 लाख रु० तक की अतिरिक्त सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है. मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों को 2 लाख रु० तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है. यह राशि चरणों में दी जाएगी बशर्ते कि पूर्व में दी गई राशि का रोजगार करने हेतु सदुपयोग किया गया हो. अच्छा रोजगार चलने की स्थिति में आवश्यकतानुसार एकमुश्त राशि भी दी जा सकेगी।
सरकार उत्पादित वस्तुओं की मार्केंटिग की भी व्यवस्था करेगी
विभाग को निदेश दिया गया है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजनान्तर्गत लाभुकों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की मार्केंटिग की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही इन लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यों से भी जोड़ा जाए जैसे- पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केन्द्र, दीदी की रसोई इत्यादि।
इस योजना के क्रियान्वयन से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति और ज्यादा मजबूत होगी बल्कि राज्य के अंदर ही उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा रोजगार के लिए मजबूरी में लोगों को राज्य से बाहर नहीं जाना होगा.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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