Know Your MLA : संघर्ष और राजनीति की अच्छी परख रखने वाले पलामू के इकलौते मंत्री बने राधा कृष्ण किशोर, जानिए इनके सफर की इनसाइड स्टोरी

    Know Your MLA : संघर्ष और राजनीति की अच्छी परख रखने वाले पलामू के इकलौते मंत्री बने राधा कृष्ण किशोर, जानिए इनके सफर की इनसाइड स्टोरी

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : हेमंत 2.0 में कुछ पुराने तो कुछ नए चेहरों को जगह दी गई है. उसी नए चेहरे में एक नाम राधा कृष्ण किशोर का भी है. राधा कृष्ण किशोर पलामू प्रमंडल के छतरपुर विधानसभा क्षेत्र से आते हैं. जिन्हें वित्त विभाग, वाणिज्य कर विभाग, योजना एवं विकास विभाग, संसदीय कार्य विभाग मंत्री बनाया गया है. वहीं अगर बात ती जाए राधा कृष्ण किशोर की राजनीतिक करियर के बारे में तो उनकी एक अलग पहचान है. राधा कृष्ण किशोर अब तक 5 बार विधायक चुने जा चुके हैं. झारखंड के अलग राज्य बनने से पहले राधा कृष्ण किशोर ने 1980, 1985 और 1995 में छतरपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में बिहार विधानसभा चुनाव जीता था. हालांकि राधा कृष्ण किशोर का नाम सबसे ज्यादा दल-बदलने वाले नेता के भी लिस्ट में भी शामिल हैं. राधा कृष्ण किशोर छतरपुर से तीन बार कांग्रेस के टिकट पर, एक बार जेडीयू के टिकट पर और एक बार बीजेपी के टिकट पर विधायक चुने जा चुके हैं.

    2014 में भाजपा के बैनर तले लड़ा था चुनाव

    राधाकृष्ण किशोर कई पार्टियों में शामिल हुए. 2014 में वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे. लेकिन 2019 में भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने आजसू के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन असफल रहे. इसके बाद वे फिर आजसू छोड़कर राजद में शामिल हो गए. लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर कांग्रेस में शामिल होकर चुनाव लड़ा.

    एक नजर राधा कृष्ण के सियासी सफर पर

    वहीं अगर हम राधा कृष्ण किशोर की सियासी सफर पर नजर डालें तो 2005 के झारखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस छोड़कर वे जेडीयू में शामिल हो गए और छतरपुर से विधायक बने. 2009 के विधानसभा चुनाव में वे जेडीयू छोड़कर कांग्रेस में वापस आ गए, 2009 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन इस बार वे तीसरे स्थान पर रहे. चुनाव हारने के बाद राधाकृष्ण किशोर 2014 के चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए. फिर  बीजेपी के सिंबल पर चुनाव लड़े और जीतकर विधायक बने. उन्हें बीजेपी में मुख्य सचेतक का पद भी दिया गया. लेकिन 2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने राधाकृष्ण किशोर का टिकट काट दिया और पुष्पा देवी पर भरोसा जताया. टिकट नहीं मिलने से नाराज राधाकृष्ण किशोर आजसू में शामिल होकर चुनाव लड़े, हालांकि वे तीसरे स्थान पर रहे. चुनाव हारने के बाद एक बार फिर उन्होंने पार्टी बदलने की सोची और राष्ट्रीय जनता दल यानी आरजेडी में शामिल हो गए. लेकिन 2024 के चुनाव से पहले ही उन्होंने कांग्रेस में अपनी घर वापसी कर ली. नतीजतन कांग्रेस ने उन्हें छतरपुर से अपना उम्मीदवार बनाया और वे एक बार फिर कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल कर चुके हैं.

    2024 में राधाकृष्ण किशोर को पुष्पा देवी से मिली कड़ी टक्कर

    2024 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राधाकृष्ण किशोर को भाजपा प्रत्याशी पुष्पा देवी से कड़ी टक्कर मिली. वे कड़े मुकाबले में फंस गए. राधाकृष्ण किशोर महज 736 वोटों से जीते. राधाकृष्ण किशोर को कुल 71,857 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी पुष्पा देवी को 71,121 वोट मिले. राजद के विजय कुमार ने राधाकृष्ण किशोर के लिए मुकाबला मुश्किल बना दिया.

    राधा कृष्ण किशोर के खिलाफ अबतक नहीं दर्ज हैं अपराधिक मामला

    यहां बताते चलें कि राधा कृष्ण किशोर के खिलाफ अबतक किसी भी तरह के अपराधिक मामले दर्ज नहीं है. उन्हें झारखंड विधानसभा के उत्कृष्ट विधायक का सम्मान भी मिल चुका है. राधा कृष्ण किशोर ने स्नातक तक की पढ़ाई की है.1973 में उन्होंने कला गणेश लाल अग्रवाल कॉलेज डाल्टनगंज से स्नातक की डिग्री हासिल की. ​​अब उन्हें हेमंत मंत्रीमंडल में जगह मिली है. अब देखने वाली बात होगी कि जनता की उम्मीदों पर राधा कृष्ण किशोर कितना खरा उतर पाते हैं.

     

     

     


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