JSSC CGL पेपर लीक मामला: मस्ताना सर की गिरफ़्तारी के बाद शुरू हुआ विरोध, सोशल मीडिया पर कैम्पेन कर रहा ट्रेंड

    JSSC CGL पेपर लीक मामला: मस्ताना सर की गिरफ़्तारी के बाद शुरू हुआ विरोध, सोशल मीडिया पर कैम्पेन कर रहा ट्रेंड

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): “Release Mastana Sir” सोशल मीडिया पर ज़ोरदार तरीके से ट्रेंड कर रहा है. हजारों छात्रों और शिक्षकों ने संतोष कुमार मस्ताना की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उन्हें तुरंत रिहा करने की मांग की है. ट्विटर (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #ReleaseMastanaSir ट्रेंड कर रहा है, जहां छात्र लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि जो व्यक्ति JSSC CGL पेपर लीक घोटाले को उजागर करने वाला था, आज वही जेल में क्यों है?

    लोगों का कहना है कि जिसने राज्य के भर्ती घोटाले का पर्दाफाश किया, उसे अपराधी की तरह पेश किया जाना अन्याय है. सोशल मीडिया पर छात्रों ने लिखा, “मस्ताना सर ने सच बोला, इसलिए उन्हें सजा दी जा रही है.” 

    दरअसल, JSSC CGL पेपर लीक प्रकरण में संतोष कुमार मस्ताना (प्रशाखा पदाधिकारी, सचिवालय सेवा) को सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया है. मस्ताना वही व्यक्ति हैं जिन्होंने इस मामले को लेकर मुखरता से आवाज उठाई थी और पेपर लीक के सबूत भी सार्वजनिक किए थे.

    सीआईडी की इस कार्रवाई को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कड़ा हमला बोला है. मरांडी ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के असली दोषियों को बचाने और ईमानदार अधिकारियों व शिक्षकों की आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा, “मस्ताना ने न सिर्फ भ्रष्टाचार का खुलासा किया बल्कि ठोस सबूत भी दिए. अब उन्हें गिरफ्तार कर डराने की कोशिश की जा रही है. इतना ही नहीं, जो शिक्षक इस मामले को सड़क से लेकर अदालत तक लड़ रहे हैं, उन्हें भी बार-बार सीआईडी नोटिस भेज रही है.”

    मरांडी ने सरकार पर आरोप लगाया कि यह गिरफ्तारी पेपर लीक के असली अपराधियों को बचाने की कोशिश है, जबकि जनता के बीच अब यह साफ हो चुका है कि मस्ताना सर जनता की आवाज़ बन गए हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी और मस्ताना समेत सभी ईमानदार शिक्षकों के लिए न्याय की मांग करेगी.


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news