JSSC-CGL : एक तरफ डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन तो दूसरी तरफ छात्रों पर बरसी लाठियां

    JSSC-CGL : एक तरफ डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन तो दूसरी तरफ छात्रों पर बरसी लाठियां

    रांची (RANCHI) : झारखंड सरकार ने 21 सितंबर और 22 सितंबर 2024 को राज्य के 823 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा अवधि के दौरान इंटरनेट बंद करके JSSC CGL परीक्षा आयोजित की थी. उस दौरान यह परीक्षा चर्चा का विषय बनी थी और अब जब JSSC CGL का रिजल्ट जारी हुआ तो एक बार फिर यह विवादों का शिकार हो गया है. अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा परिणाम जारी करने में अनियमितता बरती गई है. JSSC-CGL का जहां आज से एक तरफ छात्रों का डॉक्यूमेंट वेरिफेकेशन शुरू हुआ तो दूसरी ओर छात्रों पर लाठियां बरसायी गईं. लाठीचार्ज के दौरान कई छात्रों को चोटें लगी तो कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया. दरअसल छात्रों का आरोप है कि CGL परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है. मामला हाईकोर्ट में जाने के बावजूद परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया गया. इस परीक्षा की सीबीआई जांच और रद्द करने की मांग जोर पकड़ा है.

    घेराव करने आए छात्रों पर लाठीचार्ज

    JSSC-CGL परीक्षा में हुई कथित धांधली को लेकर आज हजारों की संख्या में छात्र JSSC कार्यालय का महाघेराव करने पहुंचे थे. इस दौरान सैकड़ों छात्रों को रोका गया. लाठीचार्ज भी किया गया. छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया. आयोग कार्यालय को घेराव को लेकर प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था टाइट कर दी थी.

    छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए सीएम हाउस, राजभवन, सचिवालय सहित कई अन्य चौक-चौराहों में सुरक्षा बढ़ाई गई. सीएम हाउस और राजभवन की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेड्स भी लगाए गए. यहां तक की ट्रैफिक रूट को भी डाइवर्ट किया गया था, जगह-जगह ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई. बताते चलें कि हजारीबाग जिले में छात्रों ने प्रदर्शन किया. इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी देखने को मिली, जहां पुलिस ने छात्रों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया था.

    आयोग ने भी रखा अपना पक्ष

    बता दें कि 16 से 20 दिसंबर तक चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन को लेकर आयोग कार्यालय के 500 मीटर के दायरे में धारा 163 के साथ निषेधाज्ञा लागू की गई है. शनिवार को आयोग के सचिव ने भी इस मामले को लेकर अपना पक्ष रखा था. आयोग परीक्षा में किसी प्रकार की धांधली की बात से इनकार किया है. वहीं जेएसएससी के सचिव ने कहा कि आरक्षण नियमों और मेधा सूची के अनुसार प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए सूची जारी की गई है. इसमें एसटी के लिए करीब 30 फीसदी, एससी के लिए करीब 12 फीसदी, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 22 फीसदी और पिछड़ा वर्ग के लिए करीब 19 फीसदी अभ्यर्थी हैं. प्रमाण पत्र के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों का चयन अंतिम रूप से नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि अंतिम परीक्षा के बाद कट ऑफ मार्क्स जारी किए जाएंगे.

    प्रशासन ने छात्रों को दी सख्त चेतावनी

    जिला प्रशासन की तरफ से छात्रों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा गया है कि छात्रों को किसी भी तरह के उग्र प्रदर्शन में भाग नहीं लेना चाहिए, अन्यथा हिंसा करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news