पलामू (PALAMU): पलामू के एक दरोगा को रील बनाना महंगा पड़ गया है और मामले में पलामू पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने जांच के आदेश दिए हैं. मामला पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र से जुड़ा है जहां दरोगा जी का एक रील खूब वायरल हो रहा है.
क्या है मामला
दरअसल गणतंत्र दिवस के मौके पर पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना परिसर में थाना प्रभारी द्वारा उनकी पत्नी के साथ बनाई गई रील सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई. चर्चा बढ़ी और मामला तूल पकड़ता गया. इसके बाद पलामू की पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संज्ञान लिया और एसपी ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं.
मिली जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में थाना प्रभारी के साथ उनकी पत्नी नजर आ रहीं हैं. ऐसे में गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के मौके पर पुलिस परिसर में इस तरह की रील बनाए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं. वीडियो तेजी से अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी बहस शुरू हो गई.
मामले को लेकर एसपी ने जांच की जिम्मेदारी एसडीपीओ मोहम्मद याकूब को सौंपी है. एसडीपीओ को निर्देश दिया गया है कि वे सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सौंपें. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
गौरतलब है कि कार्मिक विभाग ने 4 फरवरी 2025 को सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया उपयोग को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी की थी. इन निर्देशों के तहत किसी भी सरकारी कर्मचारी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे WhatsApp, X और Instagram पर ऐसी कोई सामग्री पोस्ट करने से मना किया गया है, जो सरकारी सेवक आचरण नियमावली के विरुद्ध हो.
गाइडलाइन में यह भी साफ किया गया है कि कार्यालय अवधि के दौरान निजी सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसके अलावा, कार्यस्थल से जुड़ी किसी भी गतिविधि को फोटो या रील के माध्यम से साझा करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है. अब सवाल यह उठ रहा है कि स्पष्ट नियमों के बावजूद इस तरह की घटनाएं आखिर क्यों सामने आ रही हैं और क्या संबंधित अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी.
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