साल 2025 में हेमंत ने खुद को किया स्थापित, लिए ऐसे निर्णय जिसने रच दिया इतिहास


टीएनपी डेस्क (TNP DESK): साल 2025 अब समाप्ति की ओर है. ऐसे में अब बीते साल भर की यादों को लोग ताज़ा कर रहे हैं. इसी कड़ी में अगर बात झारखंड की करें तो साल 2025 हमारे राज्य और राज्यवासियों के लिए काफी अहम रहा है. हेमंत सरकार 2.0 ने अपनी दूसरे पारी के पहले साल में राज्य के लोगों के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिससे राज्य वासियों को जमीनी स्तर पर आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से काफी मजबूती मिली है. बीते एक साल में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिसकी मदद से अब राज्य के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के दर-दर भटकने की जरूरत नहीं है. साथ ही महिला सशक्तिकरण, मुफ्त बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, कला-संस्कृति और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सरकार ने कई कदम उठाए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आम जनता, विशेषकर गरीबों, महिलाओं और विस्थापितों के कल्याण पर रही. वहीं इन निर्णयों में सबसे ऐतिहासिक निर्णय या यूं कहें की मील का पत्थर साबित हुई दो कल्याणकारी योजनाएँ जिनमें ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ और ‘पेसा ऐक्ट’.
मंईयां सम्मान योजना ने बदला सामाजिक नक्शा
मंईयां सम्मान योजना का आरंभ अगस्त 2024 में हुआ था, लेकिन इसका व्यापक असर जनवरी 2025 में दिखा. इस दौरान 56 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में 2,500 रुपये डीबीटी के जरिए भेजे गए. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे गरीब परिवारों में महिलाओं को आर्थिक निर्णय लेने की जिम्मेदारी सौंपने वाला कदम बताया. उन्होंने कहा कि यह राशि परिवार के भोजन, बच्चों की पढ़ाई, कपड़े और गैस सिलेंडर जैसी जरूरतों के लिए सीधे सहारा बनेगी. इस योजना को गंभीरता से लागू करने के लिए बजट में 13,363 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया.
पेसा ऐक्ट
साल के अंत में हेमंत सरकार ने साल के आखरी कैबिनेट में राज्यवासियों को बड़ी सौगात दी है. दशकों से चल रहे आंदोलन का अंत करते हुए हेमंत कैबिनेट ने साल की आखरी बैठक में पेसा ऐक्ट लागू कर दिया है और अधिसूचना जारी होते ही झारखंड में पेसा कानून जल्द ही लागू हो जाएगा. ऐसे में यह निर्णय भी हेमंत सरकार का ऐतिहासिक निर्णय माना जा रहा है.
कानून-व्यवस्था और नक्सली नीति
साल 2025 में नक्सलियों के आत्मसमर्पण को बढ़ावा देने वाली नीति के तहत दो दर्जन से ज्यादा नक्सली मुख्यधारा में लौटे. जेएसएससी की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा में धांधली की जांच सीआईडी से कराई गई. शराब और लैंड घोटाले की जांच में भी सख्ती दिखाई गई, जिससे सीनियर आईएएस अधिकारियों और कई कारोबारियों को सलाखों के पीछे भेजा गया.
भ्रष्टाचार पर रोक
राज्य सरकार लगातार भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसती हुई नजर आ रही है. इसी कड़ी में राज्य में पहली बार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानि की एसीबी ने झारखंड के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को राज्य में कथित आबकारी घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया. अधिकारी पर भ्रष्ट आचरण में लिप्त होकर राज्य के खजाने को 38 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था.
सड़क, ट्रैफिक और विस्थापितों पर ध्यान
सड़क हादसों को रोकने और ट्रैफिक सुधारने के लिए झारखंड राज्य सड़क सुरक्षा नियम, 2025 को मंजूरी दी गई. राजधानीवासियों को कांटाटोली और सिरमटोली फ्लाईओवर की सौगात दी गई, जबकि करमटोली, सहजानंद चौक और अरगोड़ा में भी नए फ्लाईओवर बनाने की योजना शुरू हुई.
साथ ही विस्थापित परिवारों के हित में झारखंड राज्य विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग, 2025 का गठन किया गया. आयोग का उद्देश्य खनन परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के आवास, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक-आर्थिक सर्वे की जिम्मेदारी संभालना है.
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