साइबर ठगी का शिकार हो तो तुरंत उठाएं ये जरूरी कदम, जानिए कहां करें शिकायत


टीएनपी डेस्क(TNP DESK): आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन फ्रॉड, फेक कॉल, ओटीपी ठगी, बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग और UPI स्कैम जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. जैसे-जैसे लोग डिजिटल पेमेंट और इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं, वैसे-वैसे साइबर अपराधी भी नए-नए तरीके अपना रहे हैं. ऐसे में अगर आपके साथ साइबर अपराध हो जाए, तो घबराने के बजाय तुरंत और सही कदम उठाना बेहद जरूरी है. समय पर की गई कार्रवाई से न सिर्फ नुकसान को रोका जा सकता है, बल्कि आपका पैसा वापस मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है.
साइबर क्राइम होने पर सबसे पहले क्या करें
अगर आपके बैंक खाते, UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से बिना अनुमति पैसा कट गया है, तो सबसे पहले अपने बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर तुरंत कॉल करें. अपना कार्ड, UPI और नेट बैंकिंग सेवाएं तुरंत ब्लॉक कराएं, ताकि आगे कोई और ट्रांजेक्शन न हो सके. इसके साथ ही जिस ट्रांजेक्शन में पैसा कटा है, उसकी पूरी जानकारी नोट करें जैसे ट्रांजेक्शन आईडी, तारीख, समय और रकम। सभी स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें. याद रखें, साइबर फ्रॉड के मामलों में पहले 2 से 3 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. जितनी जल्दी आप शिकायत दर्ज कराते हैं, उतनी ही ज्यादा संभावना रहती है कि लेनदेन को रोका या फ्रीज किया जा सके.
राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें
भारत सरकार ने साइबर ठगी के मामलों के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 जारी किया है. अगर आपके साथ ऑनलाइन ठगी हुई है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें. कॉल के दौरान आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक का नाम, ट्रांजेक्शन आईडी, समय और रकम बतानी होगी. यदि समय रहते रिपोर्ट कर दी जाए, तो संबंधित बैंक उस राशि को होल्ड या फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है, जिससे पैसे की रिकवरी की संभावना बनी रहती है.
ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें
आप राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर जाएं. यहां आप बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑनलाइन ब्लैकमेल, फेक वेबसाइट, अश्लील कंटेंट या अन्य डिजिटल अपराधों से संबंधित शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
शिकायत दर्ज करने के बाद आपको एक Acknowledgement Number मिलेगा. इस नंबर की मदद से आप अपने केस की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं. कोशिश करें कि शिकायत दर्ज करते समय सभी जरूरी दस्तावेज और सबूत अपलोड करें, ताकि जांच में आसानी हो.
नजदीकी साइबर थाना या पुलिस स्टेशन में शिकायत
अगर मामला गंभीर है जैसे बड़ी रकम की ठगी, लगातार ऑनलाइन ब्लैकमेल, मॉर्फ्ड फोटो से धमकी या पहचान की चोरी तो तुरंत नजदीकी साइबर थाना या पुलिस स्टेशन जाएं और लिखित शिकायत दें। आवश्यक हो तो FIR दर्ज कराएं.
पुलिस के पास जाते समय ये दस्तावेज जरूर साथ ले जाएं जैसे- आधार कार्ड या फिर दूसरा कोई पहचान पत्र, बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजेक्शन डिटेल और आईडी, संदिग्ध नंबर या लिंक का स्क्रीनशॉट, कॉल रिकॉर्ड, मैसेज या ईमेल ओटीपी या किसी भी प्रकार का डिजिटल प्रमाण जरुर साथ ले जाएं आप जितनी जल्दी पूरी जानकारी देंगे उतनी तेजी से कार्रवाई हो सकेगी.
अगर ऑनलाइन ब्लैकमेल हो रहा हो तो क्या करें
अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया या वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल कर रहा है, तो घबराएं नहीं। किसी भी स्थिति में पैसे ट्रांसफर न करें. अक्सर पैसे देने के बाद भी ब्लैकमेल बंद नहीं होता. सभी चैट, स्क्रीनशॉट और कॉल रिकॉर्ड सुरक्षित रखें और तुरंत 1930 पर कॉल करें या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें. जरूरत पड़ने पर पुलिस से सीधे संपर्क करें.
भविष्य में कैसे रहें सतर्क
साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है. किसी को भी अपना ओटीपी या UPI पिन ना दें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें, फर्जी कस्टमर केयर नंबर से सावधान रहें, सोशल मीडिया पर बैंक डिटेल साझा न करें, केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का ही उपयोग करें.
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