अगर क्रेडिट कार्ड धारक की हो जाती है मौत, तो कौन भरेगा बकाया बिल ? पढ़ें क्या एक्शन ले सकता है बैंक


टीएनपी डेस्क(TNP DESK):आजकल के आधुनिक युग में एक तरफ जहां लोगों के बेफुजुल के खर्चे बड़े है,तो वहीं बैंकों की ओर से दी जा रही सुविधाएं भी बढ़ गई है.आजकल शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जिसके पास क्रेडिट कार्ड ना हो.चाहे आपको कहीं ट्रैवल करना हो, इमरजेंसी हो या कोई सामान खरीदना हो,क्रेडिट कार्ड से आप पेमेंट कर सकते है.चाहे आपके जेब में पैसे हो या ना हो.क्रेडिट कार्ड को लेकर कई सारे सवाल इंटरनेट पर पूछे जाते है,जिसका काफी भ्रमक जवाब पढ़ने को मिलते है.ऐसे में आज हम क्रेडिट कार्ड से जुड़े एक ऐसे सवाल का जवाब देने वाले है जो काफी ज्यादा इंटरनेट पर पूछा जाता है.
क्रेडिट कार्ड का बिल आखिर कौन भरेगा ?
आपको बता दे कि क्रेडिट कार्ड को अनसिक्योर लोन के तौर पर जाना जाता है, क्योंकि बैंक इसके बदले में है ना तो कोई संपत्ति गिरवी रखती है और ना ही आपसे कोई दस्तावेज लेती है. बल्की आपके वेतन के आधार पर आपका क्रेडिट कार्ड यशु किया जाता है.हलांकि परेशानियाँ तब शुरू होती हैं जब लोग समय पर क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं भरते है. इससे ऋण ब्याज बढ़ता जाता है और लोगों पर बोझ भी.कभी-कभी हमारे जीवन में ऐसी परिस्थिती आती है जिसके बारे में हम सोचे भी नहीं होते है. आपको बता दें कि लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अगर अगर कोई कार्ड धारक की मौत हो जाती है तो क्रेडिट कार्ड का बकाया बिल आखिर कौन भरेगा बैंक किससे वह पैसे वसूलेगी.
पढ़ें क्या कहता है RBI
आपको बता दें कि क्रेडिट कार्ड को लेकर भी आरबीआई की ओर से नियम तय किए गए है. जिसके आधार पर ही बैंक पैसे की वसूली कर सकती है. RBI के नियम के अनुसार क्रेडिट कार्ड देते समय बैंक कोई भी चीज गिरवी नहीं रखती है यह केवल आपके वेतन और क्रेडिट स्कोर को देखते हुए जारी किया जाता है.इसलिए क्रेडिट कार्ड का बिल भरने की ज़िम्मेदारी उसका होता है जिसने कार्ड लिया है या जिसके नाम पर कार्ड इशु किया गया है.
क्या परिवार से वासूला जाता है पैसा ?
आरबीआई के नियम के अनुसार यदि कोई क्रेडिट कार्ड धारक की मौत होती है तो बैंक की ओर से उसके माता-पिता पत्नी या पति बच्चों को बिल भरने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है.हालांकी आरबीआई यह कहता है कि यदि मृत्यु के बाद बच्चों को संपत्ति का उत्तराधिकारी बनाया गया है तो बैंक उनसे पैसा वसूल सकता है.इसके साथ ही बैंक बिल भरने के लिए निजी संपत्ति को बेचकर पैसे की वसूली कर सकता है.
इस तरह समझे नियम
आरबीआई के नियम के अनुसार उत्तराधिकारी से बैंक उतना पैसा वसूल कर सकता है जितना उसे मृतक द्वार मिला है.उदाहरण के तौर पर आप इस तरीके से समझ सकते है कि अगर क्रेडिट कार्ड का बिल 11 लाख है और उत्तराधिकारी को 4 लाख रुपये मिले है तो बैंक केवल 4 लाख की वसूली ही कर सकता है इससे ज्यादा वह उत्तराधिकारी को देने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है.
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