शराबबंदी वाले प्रदेश में कैसे पहुंच जा रही करोड़ो की अवैध शराब, कैसे तैयार हो गए है नए-नए माफिया, पढ़िए

    शराबबंदी वाले प्रदेश में कैसे पहुंच जा रही करोड़ो की अवैध शराब, कैसे तैयार हो गए है नए-नए माफिया, पढ़िए

    TNP DESK- बिहार में चुनाव भी है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आदेश पर 2016 से राज्य में शराबबंदी कानून भी लागू है.  ऐसे में सवाल उठता है कि शराब की बड़ी से बड़ी खेप  दूसरे राज्यों से बिहार कैसे पहुंच जाती है? बिहार के अगल-बगल के राज्यों से शराब माफिया का नेटवर्क इतना मजबूत है कि बिना किसी विघ्न -बाधा के शराब बिहार पहुंच जा रही है.  सूचना के मुताबिक बिहार के मुजफ्फरपुर में लगभग एक करोड रुपए मूल्य की शराब जब्त  की गई है.

    पंजाब से बिहार पहुंचाई गई थी शराब की यह बड़ी खेप 
      
    यह शराब, पंजाब से मंगाकर  मुजफ्फरपुर के एक गोदाम में रखी गई थी.   इस मामले  में पांच तस्करों  को पकड़ा भी गया है.  आखिर इस पूरे गैंग का "किंगपिन" कौन है, कैसे शराब मंगाई गई, यह सब जांच के बाद पता चलेगा.  जानकारी के अनुसार उत्पाद विभाग की टीम ने तुर्की थाना क्षेत्र के एक  गांव स्थित मुजफ्फरपुर- हाजीपुर हाईवे से सटे  एक गोदान में छापेमारी की, तो टीम की आंखें फटी की फटी रह गई.  

    केवल एक छापा में एक करोड़ की शराब बरामद की गई 

    छापेमारी में एक करोड रुपए की विदेशी शराब जब्त  की गई है.  विभिन्न ब्रांड की 960 कार्टून विदेशी शराब बरामद हुई है.  एक टाटा 407 वहां  और शराब लोड एक पिकअप वैन भी जब्त  किया गया है.  छापामारी के समय गोदाम में पांच सप्लायर मौजूद थे, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है.  पांचो  के मोबाइल जब्त  कर लिए गए है.  आश्चर्यजनक बात है कि यह  शराब बिहार के दूसरे जिलों में सप्लाई करने की तैयारी थी.  गिरफ्तार लोगों ने बताया कि यह शराब पंजाब से लाई गई थी.  बता दें कि बिहार में शराबबंदी कानून सवालों के घेरे में है. 

    बिहार में तैयार हो गए है नए -नए माफिया गैंग 
     
    शराबबंदी  कानून लागू होने के बाद भी शराब की खेप  कैसे पहुंचा दी जा रही है, नए-नए माफिया कैसे पैदा हो गए हैं ,यह सब एक अलग सवाल है.  इधर, बिहार में चुनाव की तिथि अब घोषित होने वाली ही है.  एक सप्ताह के भीतर चुनाव की तिथि घोषित हो सकती है.  ऐसे में शराब की इतनी बड़ी खेप  पंजाब से लाकर बिहार में खपाने की योजना अपने आप में एक बड़ा सवाल है.  यहां बता दें कि जनसुराज  के सूत्रधार प्रशांत किशोर शराबबंदी को फर्जी कानून बता रहे है.  कह रहे हैं कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने से अगल-बगल प्रदेशों के राजस्व में बढ़ोतरी हो रही है और बिहार को नुकसान हो रहा है.  बिहार में शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ रही है.  सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है.  अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो एक  घंटे के अंदर इस फर्जी कानून को खत्म कर दिया जाएगा. 

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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