धोखाधड़ी को रोकने के लिए भारत सरकार ने अपनाया कड़ा रुख, 1 दिसंबर से OTP को लेकर लागू किए जाएंगे नए नियम
.jpg&w=3840&q=70)
.jpg&w=3840&q=70)
टीएनपी डेस्क: आजकल हमारी दुनिया स्मार्टफोन में ही सिमट कर रह गई है. स्मार्टफोन ने हमारे लगभग सारे काम आसान बना दिए हैं. ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर पैसों को ट्रांसफर करने तक आसानी से हर काम हम अब बिना किसी टेंशन के कर रहे हैं. हालांकि, स्मार्टफोन ने जहां एक तरफ हमारे कामों को आसान किया है तो वहीं दूसरी तरफ अपराधों को भी बढ़ा दिया है. आए दिन साइबर ठग नए-नए टेक्नीकस से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. इनमें सबसे ज्यादा OTP का इस्तेमाल कर स्कैमर्स लोगों को बेवकूफ बना ठग रहे हैं.
लेकिन अब साइबर ठगों के इस हथकंडे पर जल्द ही विराम लगने वाला है. क्योंकि, भारत की टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI ने मोबाइल नंबरों पर आने वाली ओटीपी को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को अब कॉमर्शियल मैसेज और ओटीपी से जुड़े ट्रेसबिलिटी नियम को लागू करने के लिए कह दिया है.
TRAI ने भारत के दिग्गज टेलीकॉम कंपनियां Airtel, Vodafone-Idea, BSNL और Reliance-Jio को ओटीपी मैसेज की ट्रेसबिलिटी नियम लागू करने के लिए 1 दिसंबर तक का ही समय दिया है. हालांकि, TRAI टेलीकॉम कंपनियों को पहले भी 31 अक्टूबर तक का समय दे चुका है. लेकिन कंपनियों की मांग के बाद समय सीमा को बढ़ाया गया है. ऐसे में अब 1 दिसंबर से सभी टेलीकॉम कंपनियों को कॉमर्शियल मैसेज और ओटीपी को ट्रैक करने यानी कि ओटीपी कहां से भेजा गया है उनका पता लगाने के लिए ट्रेसबिलिटी नियमों को लागू करना होगा.
OTP आने में लग सकता है समय
वहीं, अगर 1 दिसंबर तक सभी टेलीकॉम कंपनियां इन नियमों को लागू कर देती है तो मोबाइल नंबरों पर OTP आने में समय लग सकता है. ऐसे में लाखों मोबाइल यूजर्स को बैंक, ई-कॉमर्स, सोशल मीडिया से जुड़े या फिर रिजर्वेशन जैसे कामों में OTP के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
4+