झारखंड में युवाओं पर मेहरबान सरकार! हर माह देगी 5 हजार रुपये, कैबिनेट की मिली मंजूरी

    झारखंड में युवाओं पर मेहरबान सरकार! हर माह देगी 5 हजार रुपये, कैबिनेट की मिली मंजूरी

    रांची (RANCHI) : झारखंड कैबिनेट ने ग्रास रूट इनोवेशन इंटर्नशिप योजना को मंजूरी दे दी है. इस तरह की योजना के जरिए प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं को सरकार हर महीने ₹5000 देगी. इसका उद्देश्य झारखंड के ग्रामीण इलाकों और आदिवासी व झारखंडी परंपरा से छात्रों को अवगत कराना है. इस तरह की योजना के जरिए छात्र झारखंड के पंचायत स्तर तक जरूरतों को जान सकेंगे. इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था और अब इसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है.

    आपको बता दें कि झारखंड के निजी और सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों को अनिवार्य रूप से इंटर्नशिप कराई जाएगी. यह इंटर्नशिप 8 सप्ताह की होगी, जिसमें सरकार 2 महीने के लिए बच्चों को ₹10000 देगी. इसमें हर माह मेंटर को ₹10000 यानी 8 सप्ताह के लिए ₹20000 का भुगतान करेगी जो दो किस्तों में होगा.

    प्रस्ताव मंजूर होने के बाद झारखंड की 4345 पंचायतों में इस योजना की शुरुआत की जाएगी, जिसमें झारखंड के 17380 छात्रों का चयन किया जाएगा. झारखंड में स्थानीय जरूरतों और विधाओं को जानने के लिए यह मील का पत्थर साबित होगा. झारखंड के ग्रामीण इलाकों में बहुत कुछ ऐसा है जिसे अब तक पहचान नहीं मिल पाई है, चाहे कला संस्कृति की बात करें या संगीत या जीवनशैली की, इस तरह की मैपिंग के बाद एक अलग तरह की पहचान मिलेगी. सरल शब्दों में समझें तो इस योजना के जरिए पंचायत स्तर पर लोगों को जो समस्याएं आ रही हैं, वहां क्या जरूरतें हैं और उस क्षेत्र की क्या खासियत है, छात्र जमीनी स्तर पर पहुंचकर इसकी जानकारी लेंगे. अब झारखंड में आदिवासी परंपरा के साथ-साथ लोक कलाओं को भी बढ़ावा मिलेगा.

    हेमंत सोरेन की सोच है कि झारखंड की पहचान विश्व स्तर पर बने. युवा सभी चीजों को जानें और उसे नया ढांचा दें ताकि झारखंडी मतलब सभी को पता चले. मुख्यमंत्री झारखंड को पहचान दिलाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं और इसी का नतीजा है कि अब झारखंड ग्रास रूट इनोवेशन इंटर्नशिप योजना की शुरुआत की गई है. गर्मी की छुट्टी में इस तरह की इंटर्नशिप योजना चलाई जाएगी ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और सभी झारखंड को जान सकें, स्थानीय लोगों की समस्याओं को समझ सकें और उसका दस्तावेजीकरण कर उसे दस्तावेज के रूप में रख सकें. इस योजना को लेकर छात्र उत्साहित हैं कि झारखंड के गांवों तक पहुंचकर यह जानने की कोशिश की जाएगी कि झारखंड क्या है, जमीनी स्तर पर समाज की समस्या क्या है और क्या जरूरत है. जिससे उनका भविष्य भी बदल सकता है, कई छात्र गहनता से विभिन्न बिंदुओं पर शोध करेंगे.

    रिपोर्ट-समीर

     


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