Godda Loksabha Election: गोड्डा लोकसभा क्षेत्र में क्या गुल खिलायेंगे अभिषेक झा, निशिकांत या प्रदीप किसका बिगाड़ेंगे समीकरण

    Godda Loksabha Election: गोड्डा लोकसभा क्षेत्र में क्या गुल खिलायेंगे अभिषेक झा, निशिकांत या प्रदीप किसका बिगाड़ेंगे समीकरण

     देवघर(DEOGHAR):झारखंड का सबसे हॉट सीट गोड्डा है. यहां से चौथी बार सांसद बनने के लिए बीजेपी प्रत्याशी निशिकांत दुबे है. वहीं कभी बीजेपी के टिकट पर सांसद बने प्रदीप यादव इस बार कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में जनता के बीच पसीना बहा है. इन दोनों उम्मीदवारों को छोड़कर गोड्डा लोक सभा क्षेत्र में तीसरा नाम की खूब चर्चा हो रही है. ये है अभिषेक आनंद झा. पहली बार गोड्डा लोकसभा के रण में उतरे अभिषेक झा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री पंडित बिनोदानंद झा के प्रपौत्र है. 14 मई को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में इन्होंने नामांकन दाखिल किया था. इसके बाद से लगातार इनकी चर्चा क्षेत्र में जोरो से की जा रही है. आखिर क्यों,इससे समझिए

    1-ब्राह्मण समाज से आते है जिनकी संख्या गोड्डा लोकसभा में अच्छी खासी है.

    2-अभिषेक झा देवघर वासी है.

    3-देवघर में बाबा मंदिर होने की वजह से यहां ब्राह्मणों की संख्या ज्यादा है.

    4-विरासत में मिली राजनीत का फायदा मिल रहा है.

    5-ब्राह्मण समाज का एक मुश्त वोट भाजपा के पक्ष में जाता है.

    6-लेकिन इस बार अधिकांश ब्राह्मण निर्दलीय अभिषेक के पक्ष में फिलहाल दिख रहे हैं.

    7-अभिषेक को सवर्ण जाति का भी समर्थन भरपूर मिल रहा है.

    8-2009 में मधुपुर से विधानसभा चुनाव बीजेपी के टिकट पर लड़ चुके है. जिसका फायदा इस बार लोकसभा चुनाव में भी मिलता नज़र आ रहा है.

    9-अन्य समुदाय और समाज मे भी अच्छी पकड़ होने की वजह से इनके चुनाव प्रचार और जनसंपर्क अभियान में सभी वर्ग और समुदाय के लोगो को देखा जा रहा है.

    10-कारोबारी होने की वजह से उद्यमियों का भी साथ मिल रहा है अभिषेक झा को. कुल मिलाकर हर समाज,समुदाय और वर्ग का समर्थन अभिषेक झा को मिल रहा है यही वजह है कि इस उम्मीदवार की चर्चा हर जुबां पर हो रही है. 

    चुनावी मैदान में उतरने पर किसका समीकरण बिगाड़ सकते है अभिषेक 

    17 मई को प्रत्याशियों के बीच चुनाव चिन्ह आवंटन होने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अभिषेक झा अपना जनसंपर्क अभियान तेज़ कर दिया है. अभिषेक को अभी तक जिन लोगो का भरपूर समर्थन मिल रहा है उनमें से अधिकांश बीजेपी का वोट बैंक के लिए जाने जाते है. ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभिषेक के चुनावी मैदान में उतरने से बीजेपी को ही नुकसान उठाना होगा. कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को इससे फायदा हो सकता है,लेकिन राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले बीजेपी उम्मीदवार निशिकांत की रणनीति को कितना फर्क पड़ेगा, वह 4 जून को परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा,लेकिन अभिषेक ने सभी उम्मीदवारों का नींद उड़ा दिया है. गोड्डा लोकसभा का मतदान 1 जून को है. अब देखना होगा कि जनता किसके पक्ष में फैसला करती है.  

    रिपोर्ट-रितुराज सिन्हा 


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