मीटिंगवा में सब फाइनल हो जायेगा! देखिये अपने को पीएम रेस से बाहर बता कर भी रेस में कैसे बने रह गये नीतीश कुमार

    मीटिंगवा में सब फाइनल हो जायेगा! देखिये अपने को पीएम रेस से बाहर बता कर भी रेस में कैसे बने रह गये नीतीश कुमार

    Patna- एक तरह जहां राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के साथ ही दूसरे कांग्रेसी नेताओं के द्वारा इंडिया गठबंधन की मुम्बई बैठक के ठीक पहले राहुल गांधी को पीएम फेस बनाने की मांग तेज होती नजर आ रही है, वहीं दूसरी मोर्चेबंदी बिहार से भी तैयार होती नजर आने लगी है. राहुल गांधी को पीएम फेस बनाने की खबरों के बीच श्रवण कुमार ने यह दावा कर मोर्चा खोल दिया है यूपी, बिहार, हिमाचल सहित पूरे देश से सीएम नीतीश को प्रधानमंत्री बनाने की मांग तेज हो रही है. साफ है कि मुम्बई बैठक के ठीक पहले ये राजनीतिक बयान महज इतिफाक नहीं है, यह दोनों तरफ से यह मोर्चेबंदी दूरगामी राजनीति का हिस्सा है. इस बीच राजनीति के पुराने धुंरधर लालू यादव ने यह बोल कर मामले को और भी पेचीदा बना दिया है कि इंडिया गठबंधन का कोई एक संयोजक नहीं होकर, दर्जनों संयोजक बनाये जा सकते हैं. उनका इशारा इस ओर था कि दो चार राज्यों को एक साथ कल्ब अलग-अलग संयोजक बनाया जा सकता है. लालू के इस बयान को नीतीश कुमार की संयोजक पद से विदाई का संकेत माना जा रहा है.

    ध्यान रहे कि नीतीश कुमार संयोजक बनाने की चर्चा काफी अर्से से होती रही है, माना जा रहा था कि बेंगलुर बैठक में इसकी घोषणा भी की जाने थी, लेकिन एन वक्त पर यह मामला टल गया, और दावा यह भी किया गया कि इसके कारण नीतीश कुमार में नाराजगी भी देखी गयी थी और वह बेंगलुर बैठक से बाहर निकल गये थें. हालांकि बाद में नीतीश कुमार की ओर से इन खबरों का खंडन किया गया.

    पीएम फेस को लेकर कांग्रेस और जदयू में तकरार तेज

    लेकिन जिस तरीके से पीएम फेस को लेकर कांग्रेस और जदयू की ओर से मोर्चा खोला गया है, उससे यह संकेत मिलने लगे हैं कि इंडिया गठबंधन के अन्दर कुछ ना कुछ तो खिचड़ी पक रही है, और इसका एक सिरा लालू यादव से भी जुड़ता नजर आ रहा है. कई लोगों की मानना है कि नीतीश की राह में खुद लालू खड़े हो गये हैं, पटना बैठक में जिस प्रकार लालू यादव ने सार्वजनिक रुप से राहुल गांधी को दुल्हा बनने को तैयार रहने को कहा था, उसे भी इसी आंतरिक कलह का नतीजा बताया गया था.

    लेकिन अब एक बार जिस तरीके से श्रवण कुमार ने एक बार फिर से मोर्चाबंदी तैयार किया है और राहुल के बजाय नीतीश को जनता की पसंद बताया है, उससे यह गुत्थी और भी उलझती जा रही है.

    हालांकि इस बीच खुद सीएम नीतीश कुमार यह कह कर मामले को शांत करने की कोशिश की है कि वह किसी पद की दौड़ में नहीं है, उनका इरादा मात्र इंडिया गठबंधन को मजबूती प्रदान करने का है, नीतीश कुमार ने कहा कि हर कोई हमारे बारे में कुछ ना कुछ बोलता रहता है, लेकिन हम इस सब को गंभीरता से नहीं लेते. लेकिन इसके साथ ही यह भी कहा कि मीटिंगवा में सब कुछ सेटल हो जायेगा, उससे साफ है कि मुम्बई बैठक में कुछ बड़ा एलान होने वाला है, और नीतीश कुमार अभी रेस से बाहर नहीं हुए हैं.


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