दुमका की धरती से उठी मांग: दिसोम गुरु को मिले भारत रत्न, बने म्यूजियम, उनके नाम पर हो रेलवे स्टेशन

    दुमका की धरती से उठी मांग: दिसोम गुरु को मिले भारत रत्न, बने म्यूजियम, उनके नाम पर हो रेलवे स्टेशन

    TNP DESK- दिसोम गुरु शिबू सोरेन नहीं रहे। राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव नेमरा में उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया.  चिता की आग अभी ठंडी भी नहीं पड़ी की दुमका से तरह तरह की मांगे उठने लगी। झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी पोषण सखी संघ द्वारा दिसोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने के साथ साथ म्यूजियम बनाने और दुमका रेलवे स्टेशन का नाम उनके नाम पर रखने की मांग की गई है।

    संथाल परगना प्रमंडल से गुरु जी का रहा विशेष जुड़ाव, बनाया कर्मस्थली

    इसमें कोई शक नहीं कि झारखंड की उपराजधानी दुमका और संथाल परगना प्रमंडल से दिसम गुरु का विशेष लगाव रहा. जन्म स्थली नेमरा भले ही हो लेकिन कर्म स्थली दुमका को ही बनाया. कोयलांचल छोड़ शिबू सोरेन ने दुमका की ओर रुख किया. जामा विधान सभा से चुनाव जीतकर विधायक बनने वाले शिबू सोरेन को दुमका की जनता से 8 बार संसद भवन पहुंचाया. आज दिसोम गुरु इस दुनिया में नहीं है लेकिन दुमका के लोग उन्हें भुला नहीं पा रहे है. उनकी यादों को संजो कर रखना चाहते है ताकि आने वाली पीढ़ी शिबू सोरेन के व्यक्तित्व और कृतित्व को जान सके.

    झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी पोषण सखी संघ ने दी शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि

    पूर्व सीएम शिबू सोरेन के निधन के बाद दिवंगत आत्मा की शांति के लिए जगह जगह श्रद्धांजलि का दौर जारी है। इसी कड़ी में दुमका के पुराना समाहरणालय परिसर में झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी पोषण सखी संघ द्वारा पूर्व सीएम शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि से पूर्व पुराना समाहरणालय परिसर में काफी संख्या में संघ के सदस्य एकत्रित हुए जहां से हाथों में दिसोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर शहर में रैली निकाली गई। शहर के विभिन्न मार्गो से गुजरते हुए रैली पुराना समाहरणालय परिसर पहुंच कर श्रद्धांजलि सभा में तब्दील हो गई। तमाम सदस्यों ने शिबू सोरेन की तस्वीर पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 

    संघ के प्रदेश संरक्षक ने सरकार से की मांग

    अपने संबोधन में संघ के प्रदेश संरक्षक विजय कुमार दास ने कहा कि दिसोम गुरु गरीब, वंचित और शोषित के मसीहा थे। महाजनी प्रथा के खिलाफ उनके द्वारा शुरू किया गया आंदोलन अलग झारखंड राज्य निर्माण तक जारी रहा। उन्होंने केंद्र सरकार से दिसोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने और दुमका रेलवे स्टेशन का नाम उनके नाम पर रखने की मांग संघ के तरफ से की। साथ ही राज्य सरकार से शिबू सोरेन के नाम पर म्यूजियम बनाने की मांग की। जिसमें शिबू सोरेन से जुड़ी यादों को संजो कर रखा जा सके।

    रिपोर्ट: पंचम झा

     


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news