‘बिहार सरकार खटारा सिस्टम नकारा और सीएम थका हारा...’ तेजस्वी यादव ने आरक्षण को लेकर दिया धरना, कहा- आरक्षण खोर है नीतीश सरकार

    ‘बिहार सरकार खटारा सिस्टम नकारा और सीएम थका हारा...’ तेजस्वी यादव ने आरक्षण को लेकर दिया धरना, कहा- आरक्षण खोर है नीतीश सरकार

    पटना(PATNA): बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण के मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है. सदन से लेकर सड़क तक आरक्षण के मुद्दे को लेकर सरकार को चुनौती देने के लिए लगातार जुड़े हुए हैं. इसी बीच रविवार को राष्ट्रीय जनता दल की तरफ से आरक्षण को लेकर पार्टी कार्यालय के बाहर एक दिवसीय धरना दिया गया. इस धरना प्रदर्शन में तेजस्वी यादव के साथ राष्ट्रीय जनता दल के कई वरिष्ठ नेता विधायक व कार्यकर्ता मौजूद रहे.

    धरना को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि, “हमने जातीय आधारित गणना 17 महीने में करवाने का काम किया था. जिसके बाद आरक्षण को बढ़ाया गया. राजद द्वारा बढ़ाए गए 16 प्रतिशत आरक्षण को बढ़ा कर महागठबंधन सरकार ने 65% कर दिया. ऐसे में केंद्र सरकार से हमने आग्रह किया कि 65% हुए आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाए. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. फिर मामला पटना हाईकोर्ट गया जहां इसे रद्द कर दिया गया और अब सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है. सुप्रीम कोर्ट में हम सभी मजबूती से अपना-अपना पक्ष रखेंगे और कैसे भी 65% आरक्षण लागू कर नौंवी अनुसूची में डलवाना है.”

    तेजस्वी यादव ने कहा कि, लगातार 17 महीने में लोगों को नौकरियां दी गई. वही प्रक्रियाधीन नौकरियों को आज नियुक्ति पत्र के रूप में बांटा जा रहा है. मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरियां देने के लिए असंभव शब्द का प्रयोग किया था. 2020 में उन्होंने कहा था कि पैसा कहां से लाएगा अपने आप के पास से लाएगा क्या? लेकिन उस असंभव को हमने 17 महीने में संभव करने का काम किया है. आज जो नियुक्ति पत्र बंट रही है यह हमारे 17 महीने के सरकार के दौरान की है. सबसे पहले देश में हमने बेरोजगारी हटाओ यात्रा की शुरुआत की. उसके बाद चुनाव में हमने 10 लाख नौकरी का वादा किया. तेजस्वी आगे आगे है और सरकार पीछे-पीछे है. जिस लकीर को हमने खींचने का काम किया है उसी लकीर को आज सरकार मेरे पीछे-पीछे खींच रही है.

    आज जो नियुक्ति पत्र वितरण हुआ है लगभग 51000 अगर कुछ उसमें 16% कम कर दें तो 8,222 नौकरियों का नुकसान पिछड़ा समाज व अति पिछड़ा समाज को हुआ है. अगर यह आरक्षण रहता है तो उन्हें नौकरियों का नुकसान नहीं होता. लेकिन सरकार की ओर से इस आरक्षण को खत्म करने का काम किया गया है. आज भी सरकार के वकील जो है कोर्ट में लड़ाई नहीं लड़ रहे. इसी को देखते हुए राष्ट्रीय जनता दल की ओर से भी वकील सुप्रीम कोर्ट में खड़ा कर दी गई है. सदन हो, सड़क हो या न्यायालय हो हम लोग हर जगह इसके लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. पिछड़े दलित आदिवासी को हम अधिकार दिलाएंगे.

    इस दौरान तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी आरक्षण चोर की पार्टी है.  लोकतंत्र विरोधी, भाईचारा विरोधी यह मौजूदा सरकार है. तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री जी आप प्रधानमंत्री जी से कहिए कि जो 17 महीने महागठबंधन की सरकार का जो जातियांधारित गणना का मॉडल था अब तो इसे पूरे देश में कराइए. आरक्षण को लेकर आज के समय में मुख्यमंत्री जी एक भी बयान नहीं दे रहे हैं. हमने तो विधानसभा में ही कह दिया, वह सिर्फ अपने कुर्सी के जुगाड़ में रहते हैं. बिहार के लोगों की उनकी कोई फिक्र नहीं है। मुख्यमंत्री अचेत अवस्था में आ चुके हैं.

    किसी के भी पैर में गिर पड़ते हैं सीएम- तेजस्वी

    वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के पैर छुए जाने पर भी तेजस्वी यादव ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि बिहार एनडीए से चल नहीं रहा है. बीजेपी को तो छोड़िए उनके पास तो कोई चेहरा ही नहीं है. नीतीश कुमार रचित अवस्था में चल गए हैं. जिस तरीके से उनकी भाषा दिन-प्रतिदिन गिरते जा रही है, वह कब किसी का पैर पकड़ लें या कोई नहीं जानता. उनके लिए अब सिर्फ बाकी रह गया है सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा का पैर पकड़ना. किसी का भी पैर पकड़ लेना मुख्यमंत्री पर बिल्कुल शोभा नहीं देता है. मुख्यमंत्री राज्य का लीडर होता है, एक पद की गरिमा होती है. लेकिन वह कभी किसी भी अधिकारी के सामने हाथ जोड़कर गिर पड़ते हैं. मोदी जी का पैर पकड़ते हैं कभी अपने से कम उम्र के लोगों का. इन्होंने सिर्फ भाजपा के लोगों का ही पैर अब तक पड़ा है. अब चाहे मोदी जी हो, आर के सिन्हा हो या रविशंकर प्रसाद जी हो.

    तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार जी कभी किसी नेता का सर से सर टकरावने लगते हैं. यह क्या मतलब है, क्या संदेश देना चाहते हैं. इसलिए हम बार-बार कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री बिहार चलाने लायक नहीं रह गए हैं. बिल्कुल थके हुए मुख्यमंत्री हैं. ‘बिहार सरकार खटारा सिस्टम नकारा और सीएम थका हारा.’ मुख्यमंत्री कहते हैं कि अब रात में लड़का-लड़की रात 11 बजे निकल रहे हैं. लेकिन उनके गृह जिला में ही एक महिला को अमानवीय ढंग से पैरों में 9-9 कील ठोक दिए जाते हैं और वह नारी सुरक्षा की बात करते हैं. रोजाना अपराध बढ़ रहा है. यह साबित हो गया कि भाजपा के साथ नीतीश कुमार भी आरक्षण कर और आरक्षण खोर हो गए हैं.


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