पटना(PATNA): पटना के फुलवारी शरीफ के टेरर कनेक्शन की जांच अब एनआईए ने शुरू कर दी है. एनआईए की एक जांच टीम ने इस मामले से जुड़ी जानकारियों को पटना पुलिस से लिया. लेकिन इससे पहले पटना पुलिस ने इस मामले में जेल भेजे गए नूरुद्दीन जंगी और मो जलालउद्दीन को 48 घंटे के रिमांड पर लेकर पूछताछ की. इस पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं.
इन सभी बातों का हुआ खुलासा
जंगी और जलालउद्दीन से पूछताछ में पता चला है कि पीएफआई के खतरनाक मंसूबो को अंजाम देने के लिए इन लोगों ने बिहार और यूपी में एक स्लीपर सेल तैयार कर दिया था. इसमें कट्टर पंथी विचारधारा वाले मुस्लिम युवकों को शामिल किया गया था. एसडीपीआई और अन्य नामों से बने संगठन के जरिये इनके साथ बैठक भी होती थी. पूछताछ में लखनऊ से गिरफ्तार नुरुद्दीन जंगी ने बताया की वह एडवोकेट है और पी एफ आई से जुड़े लीगल मामलों को देखता है. इसी क्रम में उसका बिहार और यूपी के कई शहरों में आना जाना होता है. वहीं मो जलालउद्दीन जो झारखण्ड पुलिस का रिटायर सब इंस्पेक्टर है. उसने बताया सब कुछ जानते हुए अतहर परवेज को अपना मकान किराये पर दिया था. ट्रेनिंग के लिए जो लोग बाहर से आते थे उन्हें फर्जी नाम से होटल में रुकवाने की व्यवस्था भी वही करता था. यह भी सामने आया है कि पी एफ आई को क्रिप्टो करेंसी के जरिये पैसे विदेश से आते थे. कतर के एक अल्फासो नाम के एंजियो के जरिये ये पैसे भेजे जाते थे.
Thenewspost - Jharkhand
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