ये कैसी शादी ! बंगाल में बुजुर्ग ने कराई अनोखी शादी, अब भीषण गर्मी में होगा ठंड का अहसास

    ये कैसी शादी ! बंगाल में बुजुर्ग ने कराई अनोखी शादी, अब भीषण गर्मी में होगा ठंड का अहसास

    आसनसोल(ASANSOL):देश के लोग प्रचंड गर्मी और सूर्य की बेरहम किरणों के कहर से परेशान हैं. कोई कोलड्रिंक पीकर इससे निपटने की कोशिश कर रहा है. तो कोई एसी-कुलर की शरण ले रहा है. सब अपने-अपने सुविधा के हिसाब से गर्मी से बचने का उपाय निकाल रहे हैं. लेकिन पश्चिम बंगाल  से एक बड़ी ही अजीबोगरीब और रोचक बात निकलकर सामने आई है.  धरती के लोगों को सूर्य की तपिश से बचाने के लिए एक 64 वर्षीय वृद्ध ने नया और अनोखा तरीका खोज निकाला है. जिसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है. लोग इस तरीके को सुनकर हैरान है.

    दो पेड़ो की शादी देश में बना चर्चा का विषय

    पश्चिम बंगाल के लोगों ने सूर्य के कहर से बचने के लिये  एक ऐसी तरकीब ढूंढ़ निकाली है. जिसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है.मामला पश्चिम बंगाल आसनसोल के एक छोटे से इलाके मोहिसीला का है. जहां एक 64 वर्षीय नारायण दास ने देश में तपती और चिलचिलाती धूप से लोगों को बचाने के लिये एक अनोखी पहल की शुरुआत की है. उन्होंने बरगद और पीपल के दो पेड़ों की शादी हिंदू रिति-रिवाज के तहत मंन्त्रों उच्चारण के साथ करवाई है. इस शादी के साक्षी इलाके के लोग ही नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल सहित पूरा देश बना है.और लोग भी चढ़ बढ़कर नारायण दास की मदद के लिये आगे आ रहे हैं. नारायण दास की ओर से छेड़ी गई इस मुहीम के साथ लोग जुड़ रहे हैं.

    सबसे बड़ी संकट इन पेड़ों को कैसे बचाए रखने की है-नारायण दास 

    नारायण दास कहते हैं कि जिस तरह पूरा देश तेजी से विकास की तरफ आगे बढ़ रहा है. ठीक उसी तरह कल और कारखानों के साथ -साथ नई -नई बिल्डिंगे भी बन रही हैं. जिसको लेकर पेंड़ों की कटाई भी तेजी से हो रही है. ऐसे मे हमारे जीवन के लिये जिस तरह जल की आवश्यकता होती है. ठीक उसी तरह स्वच्छ हवा की भी काफी जरुरत होती है. हमारे जीवन मे सबसे बड़ी संकट पेड़ों को बचाए रखने की है. इनके बगैर हमारा जीवित रहना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है.

    64 वर्षीय नारायण दास ने बरगद और पीपल की शादी हिंदू रीती रिवाज़ से कराई

    ऐसे पेड़ों की कटाई किस तरह और कैसे रोकी जाए लोगों के मन मे पेड़ के प्रति किस कदर प्रेम उभारा जाए. इसको  देखते हुए 64 वर्षीय बृद्ध नारायण दास ने बरगद और पीपल दो पेंड़ों की शादी नारायण और लक्ष्मी का रूप देकर करवाई हैं. और लोगों को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं की जिस तरह हम लोगों के अंदर जान है. ठीक उसी तरह इन पेड़ों में भी जान है. अगर पेड़ खत्म हो गए हमारा जीवन भी खतरे मे पड़ जाएगा.

    लोग कर रहे हैं नारायण दास की सराहना

    नारायण दास कहते हैं कि जितना लोग पेड़ लगाएंगे हमारी जीवन की उतनी ही सुरक्षा होगी.  नारायण दास के उठाये गये इस कदम  की लोग खूब सराहना कर रहे हैं. वहीं शादी करवाने वाले पंडित ने कहा कि इस अनोखी शादी करवाने का महत्वपूर्ण मौका मिला है. जिससे वह काफी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं.


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