लंबे समय बाद पुराने तेवर में दिखे रघुवर, गिरिडीह SDO को लगाई फटकार

    लंबे समय बाद पुराने तेवर में दिखे रघुवर, गिरिडीह SDO को लगाई फटकार

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : लंबे समय बाद रघुवर दास अपने पुराने तेवर में नजर आए हैं. गिरिडीह हिंसा मामले में एसडीओ को फटकार लगाने के साथ-साथ रघुवर दास ने अधिकारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. गिरिडीह में होली जुलूस पर पथराव और आगजनी की घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता रघुवर दास रविवार की शाम घोड़थंबा पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों पर सवाल उठाते हुए ​​कहा कि क्या हिंदुओं ने आपसी भाईचारा बनाने की जिम्मेदारी ली है? या अब हिंदू समाज को अपने त्योहारों पर जुलूस निकालने के लिए दूसरे समुदाय से अनुमति लेनी होगी? उन्होंने प्रशासन को साफ तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए. जो भी दोषी हैं उन पर कार्रवाई होनी चाहिए. जिन निर्दोष हिंदू लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उन्हें तत्काल रिहा करें. 

    वोट बैंक के लिए बैलेंसिंग एक्ट बंद करे शासन-प्रशासन-रघुवर

    रघुवर दास ने कहा कि झारखंड में हर बार हिंदू त्योहारों के दौरान हिंसा होती है. वोट बैंक के लिए शासन-प्रशासन बैलेंसिंग एक्ट बंद करे. सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी अब चुप नहीं बैठेगी. भाजपा कार्यकर्ता पूरे हिंदू समाज के साथ सड़कों पर उतरेंगे और हेमंत सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे. गिरिडीह हिंसा मामले पर उन्होंने डीजीपी अनुराग गुप्ता और गिरिडीह एसपी बिमल कुमार से फोन पर बात की और निर्दोषों को रिहा करने और घटना की न्यायिक जांच कराने को कहा.

    दोनों पक्षों से 11-11 लोगों को किया गया है गिरफ्तार

    पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी के जरिए उपद्रवियों की पहचान कर दोनों पक्षों से 11-11 लोग यानी कि कुल 22 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. घटना के संबंध में बताया गया कि शुक्रवार (14 मार्च) की देर शाम हिंदू समुदाय के लोग होली का जुलूस लेकर जा रहे थे. इसी दौरान मुस्लिम गली में पहुंचने पर कुछ लोगों ने जुलूस को रोकने की कोशिश की. इसके बाद वहां पथराव शुरू हो गया. पथराव के दौरान दोनों पक्षों की ओर से हिंसक झड़प भी शुरू हो गई. जिससे कई लोग घायल हो गए.

    अगर देखा जाए तो रघुवर दास की प्रदेश में कार्यकर्ताओं के साथ जुड़ाव बढ़ गया है. बाबूलाल मरांडी को विपक्ष का नेता बनाए जाने के बाद चर्चा है कि भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष गैर आदिवासी को बनाया जाएगा. गैर आदिवासियों में भी ओबीसी कोटे को तरजीह दी जाएगी. रघुवर दास ओबीसी कोटे से आते हैं. ऐसे में देखना होगा कि प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी किसे मिलती है? लेकिन रघुवर दास की सक्रियता और उनकी आक्रामकता बहुत कुछ कह रही है. हर कोई अपने-अपने नजरिए से इसके मायने निकाल रहा है.

     

     


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