फुटबॉलर बनने का सपना पूरा नहीं हुआ तो 300 खिलाड़ियों को दे रहा है फुटबॉलर बनाने की ट्रेनिंग

    फुटबॉलर बनने का सपना पूरा नहीं हुआ तो  300 खिलाड़ियों को दे रहा है फुटबॉलर बनाने की  ट्रेनिंग

    रांची(RANCHI): इमरान हाशमी का एक फिल्म है – आवारापन. उसमें इमरान का एक डायलॉग है, “जिनके अपने सपने पूरे नहीं होते, वो दूसरों के सपने पूरे करते हैं.” इस बात को पूरी तरह साबित किया है झारखंड के आनंद प्रसाद गोप ने. दरअसल, आनंद का सपना एक राष्ट्रीय स्तर का फुटबॉलर बनने का था, लेकिन खराब आर्थिक स्थिति के कारण उन्हें अपने सपनों की कुर्बानी देनी पड़ी. लेकिन झारखंड के बाकी गरीब युवाओं को ये कुर्बानी ना देना पड़े इसलिए आनंद ने इन युवाओं को फुटबॉल की कोचिंग देना शुरू किया. अभी आनंद लगभग 300 खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं जिसमें 250 लड़कियां और 50 लड़के हैं. इनमें से 25 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया है. कई खिलाड़ी डेनमार्क और इंग्लैंड भी जाकर टूर्नामेंट खेल चुके है.

    लड़कियों को फुटबॉल खेलने पर कांच के टुकड़े फेंके जाते थे

    रांची के ओरमाँझी ब्लॉक के इरबा के पास एक छोटा-सा गाँव करमा है. आनंद प्रसाद इसी गाँव के रहने वाले हैं. वे कांके और ओरमाँझी के आसपास के गाँवों में रहनेवाले गरीब खिलाड़ियों को फुटबॉल की ट्रेनिंग देते हैं. आनंद का चयन आर्मी मे हो चुका था, लेकिन खेल और बाकी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के लगाव के कारण उन्होंने आर्मी में जाने से मना कर दिया. इस ट्रेनिंग के बारे में आनंद बताते है कि शुरुआत में लड़कियों को ट्रेनिंग देने में काफी कठिनाई आई, लड़कियों के हाफ पैंट पहनकर खेलने से लोग नाराज हो जाते थे और फील्ड में कांच के टुकड़े फेंकने लगते थे जिससे कोई खेल ही ना सके. दूसरा, लड़कियों के परिवार वाले भी उन्हें खेलने देने के लिए तैयार नहीं थे, वे लड़कियों से घर और खेत का काम करवाना चाहते थे. आनंद की कोशिशों का ही परिणाम है कि आज इनकी कोचिंग की दो खिलाड़ी, अनीता कुमारी और सोनी मुंडा का चयन अंडर-17 फीफा कप टूर्नामेंट के लिए हुआ है.  

    मुख्यमंत्री से की है प्रशिक्षण केंद्र खोलने की मांग

    आनंद आगे बताते है कि खिलाड़ियों के पास जूते, कपड़े और फूटबाल के अलावा  बहुत से अन्य चीजों की कमी है. खिलाड़ियों को बेहतर ख़ान-पान की भी जरूरत होती है और गरीब खिलाड़ी इसका जुगाड़ नहीं कर पाते है. आनंद ने हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात किया था और एक आवासीय प्रशिक्षण केंद्र खोलने की मांग की थी. प्रशिक्षण केंद्र खुल जाने से खिलाड़ियों को और बेहतर ट्रेनिंग मिल सकेगा, जिससे वो और आगे बढ़ कर राज्य और देश का नाम रौशन करेंगे.

     

     


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