जीतनराम मांझी के बयान से बिहार में राजनीतिक पारा फिर चढ़ा, सवर्णों को बताया विदेशी

    जीतनराम मांझी के बयान से बिहार में राजनीतिक पारा फिर चढ़ा,  सवर्णों को बताया विदेशी

    पटना(Patna): बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के सुप्रीमो जीतन राम मांझी ने लगातार अपने बयानों से बिहार की राजनीति को गरम कर दिया  है. अभी भगवान राम के बारे में दिए गए बयान का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि उन्होंने सवर्णों के विरुद्ध बयान बाजी कर दिया है जिससे बिहार का राजनीतिक पारा फिर से बढ़ गया है. अब जीतन राम मांझी ने सवर्णों को विदेशी बता दिया है और अनुसूचित जाति के लोगों से मंदिर नहीं जाने की अपील की है. साथ ही उन्होंने कहा है कि राक्षस बहुत अच्छे लोग थे. दरअसल, बीते दिन कर्नाटक से एक खबर आई कि एक अनुसूचित जाति के बच्चे को मंदिर मे प्रवेश करने पर उससे जुर्माना वसूला गया. जिसके बाद जीतन राम मांझी ने इस घटना पर आपत्ति जताते हुए सवर्णों के विरुद्ध विवादित ट्वीट कर किया और उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के लोग सदियों से सिर्फ अपने दर्द को ही बयां कर रहे हैं, गुस्से का इजहार तो कभी किया ही नहीं.

    मांझी ने बढ़ाई भाजपा की चिंता

    जीतन राम मांझी के बयानों ने एनडीए की सबसे बड़ी दल भाजपा की चिंता बढ़ा दी है. पहले मांझी ने भगवान राम को काल्पनिक और रामायण को एक कहानी मात्र बताया. अब सवर्णों को विदेशी बता दिया. एनडीए मे भाजपा के साथ मांझी की पार्टी भी बिहार में सरकार चला रही है. ऐसे में भाजपा की चिंता बढ़ गई है, भाजपा नेताओं ने भगवान राम वाले बयान पर आपत्ति जताई थी. जिसके बाद कर्नाटक वाली घटना के बाद मांझी बीजेपी पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला करते हुए बोला कि धर्म के राजनीतिक ठेकेदार ऐसे मामलों पर कुछ नहीं बोलेंगे. उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं की अनुसूचित जाति के लोग मंदिर जाएँ.

     

     

     


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