मुर्गी पालन कर आत्मनिर्भर बन रही है गुमला की ग्रामीण महिलाएं

    मुर्गी पालन कर आत्मनिर्भर बन रही है  गुमला की ग्रामीण महिलाएं

    GUMLA-गुमला जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा मुर्गी पालन से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थित को मजबूत की जा रही है पहले महिलाओं को एक-एक पैसा के लिए सोचना पड़ता था, लेकिन मुर्गी पालन के व्यवसाय से जुड़कर महिलाओं का आर्थिक विकास हो रहा है.  महिलाओं ने कहा कि अब उन्हें काम के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है और अच्छी कमाई कर अपने बच्चों का बेहतर जीवन बनाने में लगी हुई है साथ ही साथ परिवार के लिए भी वह बहुत कुछ कर पाती हैं जिसके कारण परिवार के लोग भी उनसे काफी खुश रहते हैं

    गुमला जिला में रोजगार का कोई विकल्प नहीं होने के कारण लोगों को काफी आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ता था साथ ही धान की खेती करने के बाद ग्रामीणों को मजबूरी में मजदूरी का काम करने के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता था लेकिन जब से ग्रामीणों को सरकार द्वारा दी जाने वाली योजना के माध्यम से मुर्गी पालन से जुड़ने का अवसर मिला है तब से महिलाओं की आर्थिक स्थिति काफी बेहतर हो पाई है अपने गांव घर में रहकर महिलाएं मुर्गी पालन का व्यवसाय कर रही हैं जिससे उन्हें काफी आर्थिक लाभ हो रहा है ग्रामीण महिलाओं की मानें तो कल तक उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता था लेकिन इस व्यवसाय से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक रूप से लाभ पहुंच रहा है.उनका मानना है कि शुरुआती दौर में तो वे लोग भी काफी चिंतित थे, लेकिन जब कमाई होने लगी तब उन्हें भी इसका लाभ समझ में आने लगा और आज भी अपने घर की महिलाओं के कार्यशैली से काफी खुश हैं.

    गांव में रहने वाले बाकी लोगो  भी मानें तो जिस तरह से महिलाओं ने इसमें आर्थिक लाभ कमाना शुरू किया है उसके बाद लगातार इससे महिलाओं का जुड़ाव बढ़ता जा रहा है गांव की कई महिलाएं इस व्यवसाय से जुड़कर आर्थिक लाभ कमा रहे हैं ग्रामीणों की मानें तो महिलाएं अपना घर का सारा काम देते हुए इस कार्य से जुड़ी हुई है जिसका फायदा उन्हें लगातार मिल रहा है यहां की महिलाओं ने इस काम के बलबूते पर अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर करना शुरू किया तो उन्हें भी काफी अच्छा लगने लगा और अब वे भी इनके कार्यो की सराहना करते हैं क्योंकि परिवार में कमाई का कोई साधन नहीं होने के कारण काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता था. 

    ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को इस कार्य से जोड़ने के लिए झारखंड राज्य आजीविका मिशन के माध्यम से पहले तो प्रशिक्षण दिया गया उसके बाद उन्हें बैंक से जोड़कर उन्हें लोन उपलब्ध कराया गया और साथ ही साथ मुर्गी पालन से जुड़ी तमाम साधन उपलब्ध करवाकर उन्हें इस व्यवसाय से जोड़ा गया जिसके बाद आज महिलाओं ने जिस तरह से आर्थिक लाभ कमाना शुरू कर दिया है उससे ना केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में बदलाव हुआ है बल्कि  आने वाले बच्चों के भविष्य को भी बेहतर बनाने के लिए अपनी ओर से पूरी तरह से योगदान कर रही है. ग्रामीण महिलाएँ में हो रहे इस तरह के बदलाव को देखकर गांव की बाकी महिलाएं भी मुर्गी पालन से जुड़कर अपनी स्थिति को मजबूत कर रही हैं.

    रिपोर्ट : सुशील कुमार सिंह,गुमला.

    मुर्गी पालन स्वरोजगार से महिलाओं की बदली जिंदगी


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