तमिलनाडु सरकार उठाएगी यूक्रेन में फंसे छात्रों को लाने का पूरा खर्च, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने की घोषणा


टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है. रूसी सैनिक यूक्रेन में घुस चुके हैं और लगातार बमबारी कर रहे हैं. रूस के इस हमले ने भारत सरकार के लिए भी बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. क्योंकि भारत के 15 हजार से भी ज्यादा छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं. इसी बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि यूक्रेन से तमिल छात्रों को लाने का जो भी खर्च होगा, वह तमिलनाडु सरकार खर्च करेगी.
विदेश मंत्री एस जयशंकर को स्टालिन ने लिखा पत्र
दरअसल, कल ही मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केन्द्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को पत्र लिखकर यूक्रेन में फंसे तमिलों को वापस लाने का अनुरोध किया था. इसके बाद मुख्यमंत्री स्टालिन ने आज घोषणा किया कि छात्रों को वापस लाने का जो भी खर्च होगा, उसे तमिलनाडु सरकार उठाएगी.
सड़क मार्ग से छात्रों को निकालने की तैयारी में भारत
विदेश मंत्री को लिखे पत्र में स्टालिन ने बताया था कि तमिलनाडु के लगभग 5 हजार छात्र और अप्रवासी लोग यूक्रेन में फंसे हुए हैं. इसके लिए उन्होंने भारत सरकार से विशेष मिशन के तहत छात्रों को वापस लाने का अनुरोध किया था. हालांकि, बता दें कि यूक्रेन ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. ऐसे में यूक्रेन से कोई भी फ्लाइट ना तो भारत आ सकती है और ना ही भारत से यूक्रेन जा सकती है. ऐसे में बीती रात प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया है कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों को हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया और रोमानिया के जरिए सड़क रास्तों से निकाला जाएगा.
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