फाइलेरिया की दवा खाने से 13 बच्चियां बीमार, पेट-बदन दर्द की हुई शिकायत, सीएचसी में चल रहा इलाज

    फाइलेरिया की दवा खाने से 13 बच्चियां बीमार, पेट-बदन दर्द की हुई शिकायत, सीएचसी में चल रहा इलाज

    देवघर (DEOGHAR) : देवघर जिले को फाइलेरिया से मुक्त करने के लिए इन दिनों 5 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को इसकी रोकथाम के लिए दवा दी जा रही है. कहीं-कहीं 2 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए भी दवा देने का प्रावधान है. देश में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की शुरुआत 1955 में हुई थी. फाइलेरिया का दूसरा नाम हाथी पांव भी है. देवघर जिले को फाइलेरिया से पूर्ण रूप से मुक्त करने के लिए इसी महीने से घर-घर जाकर सभी लोगों को फाइलेरिया की दवा दी जा रही है. इसी के तहत आज स्वास्थ्य विभाग की टीम देवीपुर कस्तूरबा स्कूल पहुंची. स्कूल में रह रही छात्राओं को दवा दी गई. दवा खाने के कुछ ही देर बाद छात्राओं को पेट दर्द, बदन दर्द जैसी समस्या होने लगी.

    मामला गंभीर होता देख कस्तूरबा की वार्डन ने आनन-फानन में सभी छात्राओं को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया. वहां मौजूद डॉक्टरों ने तुरंत सभी का इलाज शुरू कर दिया. फाइलेरिया की दवा खाने वाली 13 छात्राएं बीमार पड़ गईं. डॉक्टर अभय प्रसाद ने बताया कि सभी खतरे से बाहर हैं और उनका समुचित इलाज चल रहा है. वही डॉक्टर ने बताया कि शायद सभी को गैस की समस्या के कारण बदन दर्द या पेट दर्द हुआ होगा. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि फाइलेरिया की दवा कितनी कारगर है.

    रिपोर्ट-ऋतुराज


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