ग्रीन टेक्नोलॉजी पर आधारित पांच घंटे में तैयार हो जाएगा 100 किलो कचरे से  25 किलो खाद, आईआईटी -आईएसएम ने कराया पेटेंट

    ग्रीन टेक्नोलॉजी पर आधारित पांच घंटे में तैयार हो जाएगा 100 किलो कचरे से  25 किलो खाद, आईआईटी -आईएसएम ने कराया पेटेंट

    धनबाद(DHANBAD)  - आईआईटी- आई एम ने रैपिड ऑर्गेनिक बेस्ट स्टेबलाइजर विकसित किया है.  इसकी विशेषता यह है कि यह मात्र 4 से 5 घंटे में गीले  कचरे को खाद में बदल देगा.  अभी सामान्य प्रक्रिया में गीले कचरे को खाद में बदलने में 15 दिन से एक  महीने का समय लगता है.  आईआईटी -आईएसएम इसे अपने कैंपस के तीन  दर्जन से अधिक आवासों में लगाया है, जिसका लाभ हो रहा है.  इसका फायदा नगर निगम, होटल, रेस्टोरेंट्स को भी हो सकता है. 

    मानक पर खरा उतरने का किया गया है दावा 
     दावा किया गया है कि खाद जो बनेगा वह बिल्कुल मानक पर खरा उतरेगा.  रैपिड ऑर्गेनिक वेस्ट स्टेबलाइजर को आई आई टी -आई एस एम के एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर एसके गुप्ता ,रिसर्च स्कॉलर नितिन कुमार ने विकसित किया है.  प्रोफेसर गुप्ता ने कहा कि यह पेटेंट हो गया है, 

    जल्द ही होगा इसका  कमर्शियल यूज़
    हम लोग जल्द ही इसका कमर्शियल यूज़ के लिए कंपनियों से संपर्क करेंगे.  यह स्टेबलाइजर होटल में बचे हुए खाने ,सब्जी समेत अन्य ऑर्गेनिक वेस्ट को तेजी से बायो फर्टिलाइजर में बदलता है. अनुमान के अनुसार  100 किलो कचरे से 20 से 25 किलो खाद तैयार किया जा सकता है.  मशीन को 25 किलो, 50 किलो या एक 100 किलो अथवा और अधिक क्षमता के लिए तैयार किया जा सकता है.  क्षमता पर ही मशीन की लागत तय होगी.  यह जगह भी बहुत कम लेता है. पोर्टेबल  होने के कारण इसे कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है ,एक विशेषता और है कि इसे ग्रीन टेक्नोलॉजी के आधार पर तैयार किया गया है. 

    रिपोर्ट : सत्य भूषण ,धनबाद 


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news