देश में घटा तो झारखंड में 6.21 प्रतिशत बढ़ीं ठनके से मौत, जानें इसके पीछे का कारण

    देश में घटा तो झारखंड में 6.21 प्रतिशत बढ़ीं ठनके से मौत, जानें इसके पीछे का कारण

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): झारखंड में अक्सर वज्रपात की खबरें आती रहती हैं. मगर शनिवार की घटना ने न सिर्फ राज्य में बल्कि पूरे देश में लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया. शनिवार को बोकारो के स्कूल में बिजली गिरती है और इसमें 30 से ज्यादा स्कूली बच्चे झुलस गए. वहीं, एक की स्थिति गंभीर बताई जा रही है.

    मामला सिर्फ इतना सा नहीं है कि स्कूल में बिजली गिर गई और कई बच्चे घायल हो गए. मामला ये है कि जब झारखंड में वज्रपात की घटना सबसे ज्यादा होती है तो फिर स्कूलों में जहां बच्चे-बच्चियां पढ़ती हैं, वहां तड़ित चालक यंत्र (वज्रपात रोकने वाला यंत्र) क्यों नहीं लगाया गया था. आपको यह भी बता देना जरूरी है कि स्कूलों में तड़ित चालक यंत्र लगाना जरूरी है. फिर स्कूलों में ये यंत्र कैसे नहीं थे. क्या स्थानीय प्रशासन, जिला शिक्षा विभाग और डीसी की प्रथामिकता में बच्चों की जिंदगी सबसे नीचे आती है या आप कह सकते हैं कि इनके पास काम की इतनी फाइलें हैं कि छोटे-छोटे बच्चों और स्कूलों का मुद्दा बहुत ज्यादा ही नीचे दब गया है.

    दरअसल, सोचने वाली बात ये भी है कि उन स्कूलों में जो बच्चे पढ़ते हैं, उनमें से कितने बच्चे ऐसे होंगे जो अपने परिवार में अकेले होंगे. माता-पिता कितने प्यार से अपने बच्चों को स्कूल भेजते होंगे ताकि उनका बुढ़ापा उनका बच्चा अच्छे से गुजार सके. मगर उनको क्या ही पता होगा कि प्रशासनिक अधिकारियों की गलती की वजह से उनका पूरा का पूरा भविष्य एक झटके में खत्म हो जाएगा. घटना हो जाने के बाद अधिकारी एक्शन में आते हैं लेकिन क्या अगर उन्होंने अपना काम और जिले का दौरा अच्छे से किया होता तो आज ये नौबत आती. अब अधिकारी एक्शन की बात करेंगे, जांच के आदेश दिए जाएंगे, फायले खोली जाएंगी लेकिन उनका क्या जिसका पूरा का पूरा भविष्य इस हादसे में खत्म हो गया. खैर, राज्य के सभी स्कूलों की जांच की जानी चाहिए ताकि आगे ऐसी कोई घटना न घटे और किसी और के माता-पिता को यह दिन नहीं देखना पड़े.

    देश में ठनके से मौतें घटीं, राज्य में आकड़ा बढ़ा

    एक रिपोर्ट के अनुसार देश में ठनके यानी बिजली से मौतों की संख्या में 36% की गिरावट आई है. वहीं, दूसरी ओर बात अगर झारखंड की करें तो रिपोर्ट इससे सीधा उलटा है. झारखंड में ठनके गिरने की 6.21% की बढ़ोतरी हुआ है. जानकारी के अनुसार ज्यादातर यंत्र को चोर ले जाते है. चोर यंत्र से तांबा निकालकर बेचते है.

    राज्य में 10 साल में ठनके से 2390 मौतें

    झारखंड में पिछले 10 साल में 2390 मौतें हुई हैं. आपको बताते हैं किस साल कितने लोगों ने गंवाई हैं जान

    • साल 2012- 148
    • साल 2013- 159
    • साल 2014- 144
    • साल 2015- 210
    • साल 2016- 265
    • साल 2017- 256
    • साल 2018- 261
    • साल 2019- 283
    • साल 2020- 322
    • साल 2021- 342

    कॉपी: विशाल कुमार, रांची      

       

     

     


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