भाई के दोनों हाथ नहीं, फिर भी राखी बांधती हैं बहन

    भाई के दोनों हाथ नहीं, फिर भी राखी  बांधती हैं बहन

    पूर्वी सिंहभूम(EAST SINGHBHUM)-रक्षा बंधन के दिन किसी भी भाई की कलाई सुनी नहीं रहती है.कलाई पर राखी के रूप में बहन का प्यार पाकर भाई अपनी बहन की रक्षा करने का संकल्प लेता है. लेकिन बता दें कि एक ऐसा भी भाई हैं जिसके दोनों हाथ नहीं है. बहन-भाई का प्यार वैसा ही है जैसा किसी सामान्य बहन-भाई का होता हैं बस नहीं है, तो इस भाई के दो हाथ. 

    पैरों से करता हैं हाथों का सारा काम

    पूर्वी सिंहभूम के धालभूमगढ़ प्रखंड का रहने वाला 20 वर्षीय युवक जगबाबा गुप्ता का बचपन से ही दोनों हाथ नहीं है. हाथ नहीं होने के कारण जगबाबा अपना पूरा काम पैर से ही करता है. हाथ ना होने का कारण जगबाबा ने पैर को ही अपना हाथ बना लिया है. इस तरह से उसने अपने हाथों की कमी को पूरा किया हैं.कहते है भगवान कुछ छीन लेता है तो कुछ अतिरिक्त शक्तियां भी देता है. इसी अतिरिक्त शक्ति से जगबाबा अपने पैर को हाथ बनाकर, हर वो काम करता है जो सामान्य लोग कर सकते हैं.जगबाबा अपने पैरों से ही लिखाई-पढ़ाई करता है. फिलहाल वह कॉलेज के प्लस टू में पढ़ाई कर रहा है और भविष्य में वो रेलवे की नौकरी करना चाहता हैं.

    हौसला ही है दिव्यांगों की शक्ति

    हर साल रक्षाबंधन के त्योहार पर उसकी बहन उसके पैर में राखी बांधती हैं. इस साल भी जग बाबा की बहन देवज्योति गुप्ता ने अपने दिव्यांग भाई के पैर में राखी बांधते हुए भगवान से अपने भाई की सुरक्षा और सफलता की कॉमना की. वहीं बहन देवज्योति गुप्ता ने सभी लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर कोई भाई या बहन दिव्यांग हो तो भी अपना प्यार कम ना करें बल्कि दिव्यांग भाई बहनों को कभी उसकी दिव्यांगता पर मायूस ना होने दें और हमेशा उनको आगे बढने के लिए प्रोत्साहित करें.

    रिपोर्ट-प्रभंजन कुमार,घाटशिला,पूर्वी सिंहभूम.

     

     

     


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