डुमरी उपचुनाव:JMM को शिकस्त देना नामुमकिन,जानिए क्या है वजह

    डुमरी उपचुनाव:JMM को शिकस्त देना नामुमकिन,जानिए क्या है वजह

    रांची(RANCHI): झारखंड में डुमरी चुनाव में सभी दल विभिन्न मुद्दों को लेकर मैदान में जमकर पसीना बहा रहे है.बात एनडीए की करें या झामुमो की दोनों दल के बड़े नेता डुमरी में कैम्प कर अपने अपने प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने में जुटे है. एनडीए से आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो दिन रात लगे है तो वहीं इंडिया गठबंधन की कामन सूबे के मुखिया ने अपने हाथ में लेकर रखा रखा है. लेकिन इस प्रचार प्रसार से पहले से ही जनता ने जिस प्रत्याशी को सदन में भेजना है इसका चयन कर चुकी है.लेकिन संवैधानीक प्रक्रिया है उसे तो पूरा करना ही पड़ेगा.मतदाता पाँच सितंबर को मतदान कर अपने प्रत्याशी को जीता कर विधानसभा भेजने का काम करेंगे.अब तक के जनता का रुझान देखे तो ज्यादा झामुमो की ओर दिख रहा है.

    डुमरी में मतदाता दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर टाइगर की पत्नी बेबी देवी को अपनी पहली पसंद मान कर चल रहे है. टाइगर स्व जगरनाथ महतो की डुमरी को कर्म भूमि भी कहा जाता है. डुमरी में टाइगर सभी लोगों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते थे.चाहे वह किसी भी दल या जात का हो.यही कारण है की जब टाइगर डुमरी के लोगों के बीच मौजूद नहीं है तो उनके परिवार के साथ लोग खड़े दिख रहे है. सभी का मानना है की टाइगर ने डुमरी को सभी चीज दिया चाहे शिक्षा,स्वास्थ्य,बिजली सिचाई ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है जिसे उन्होंने अधूरा छोड़ा है.

    जब 1932 और ओबीसी आरक्षण पर बोलने को तैयार नहीं था अकेले टाइगर इस मुद्दे पर मुखर होकर आवाज उठाते थे.इसे सदन के पटल तक लेकर गए. राज्य में ओबीसी के आरक्षण को 28 प्रतिशत करने का प्रस्ताव को सदन से पास कर राज्यपाल के पास भेजवाया. इसके बाद 1932 का खातियान जो राज्य के हर आदिवासी मूलवासी के सेन्टीमेंट से जुड़ा मामला है इसे भी अपने कार्यकाल के दौरान सदन से पास करा कर राजभवन भेजने का काम किया है.जब सदन से 1932 पास हुआ तो सबसे अधिक खुश टाइगर दिख रहे थे. खुद मंदार मज़ा कर खुशी से झूम रहे थे.   

    अब जगरनाथ महतो जनता की सेवा करते हुए अपने प्राण को निछावर कर दिया तो उनके साथ हर कोई खड़ा दिख रहा है.अगर बात स्व राजेन्द्र बाबू और स्व जगरनाथ महतो की करें तो दोनों परिवार के बीच लंबे समय तक एक साथ किसी ने मंच साझा नहीं किया था. लेकिन इस चुनाव में पुरानी रंजिशों को भुला कर राजेन्द्र बाबू के बेटे और बेरमो विधायक जयमंगल भी बेबी देवी के साथ मंच पर दिख रहे है. इसका भी एक बड़ा फायदा सीधे झामुमो को होगा. राजेन्द्र सिंह का भी प्रभाव काफी अधिक डुमरी के कई गांव में था.अब जयमंगल उस वोट को भी झामुमो में लाने में लगे है.

    देखिए डुमरी में अबतक कौन कौन रहा विधायक   

    2019 Jagarnath Mahto                    JMM                      71,128

    2014     Jagarnath Mahto                  JMM                   77,984

    2009    Jagarnath Mahto                    JMM                 33,960

    2005     Jagarnath Mahto                   JMM 

    2000

    Lal Chand Mahto

    JD(U)

    28087

    1995

    Shiva Mahto

    JMM(M)

    36794

    1990

    Lal Chand Mahto

    JD

    30718

    1985

    Shiva Mahto

    IND

    21082

    1980

    Shiba Mahto

    JMM

    19355

    1977

    Lalchand Mahto

    JNP

    16867

    1972

    Murli Bhagat

    INC

    19182

     

    रिपोर्ट: समीर हुसैन  

      

        


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