देश की 15 वीं राष्ट्रपति के रूप में 25 जुलाई को द्रौपदी मुर्मू लेंगी शपथ, आइए जानते हैं पहले के राष्ट्रपति का कैसा था कार्यकाल


टीएनपी डेस्क(TNP DESK): देश की पंद्रहवीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी. राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने रिकार्ड जीत दर्ज की है. देश में अब तक 16 बार राष्ट्रपति चुनाव हुए हैं. द्रौपदी मुर्मू पहली आदिवासी हैं जो देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होंगी. 25 जुलाई को उनका शपथ ग्रहण कार्यक्रम होगा.
द्रौपदी मुर्मू के पहले देश के 14 राष्ट्रपति रह चुके हैं. देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद एकलौते ऐसे राष्ट्रपति रहे हैं, जो दो बार इस पद पर आसीन रहे. वहीं नीलम संजीव रेड्डी एकलौते राष्ट्रपति रहे, जो निर्विरोध राष्ट्रपति चुने गए थे.
आइए जानते हैं देश के सभी राष्ट्रपति के कार्यकाल के बारे में.

देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद थे. वे एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति भी रहे, जिन्होंने दो बार तक राष्ट्रपति पद पर कार्य किया. डॉ राजेन्द्र प्रसाद स्वतंत्रता सेनानी भी थे. इसके साथ ही वे भारतीय संविधान सभा के अध्यक्ष भी थे. उनके अतुल्य योगदान के लिए 1962 में उन्हें भारतरत्न सम्मान से भी सम्मानित किया गया है.

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन, जिनके जन्मदिन 5 सितंबर को पूरा देश शिक्षक दिवस के रूप में मनाता है, वे भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे. डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को 1954 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.

डॉ जाकिर हुसैन भारत के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति रहे. दो सालों के कार्यकाल के दौरान ही पद पर रहते हुए ही उनकी मृत्यु हो गई थी. इसके बाद वी वी गिरी को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया. हालांकि उनके बाद तुरंत ही न्यायाधीश मोहम्मद हिदायतुल्लाह 20 जुलाई 1969 से 24 अगस्त 1969 तक कार्यवाहक राष्ट्रपति बने. डॉ जाकिर हुसैन को देश राष्ट्रपति के अलावा तबला वादक के रूप में भी जानता है.

वी.वी गिरी, डॉ जाकिर हुसैन की मृत्यु के बाद देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति बने. वे देश के पहले कार्यवाहक राहस्त्रपती बने. इसके बाद वे देश के चौथे राष्ट्रपति बने. इनका पूरा नाम वराहगिरी वेंकटगिरी है. ए देश के पहले राष्ट्रपति थे जिनके समय में दुसरे चक्र की मतगणना करनी पड़ी थी. 1975 में उनको भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.
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फखरुद्दीन अली अहमद भारत के पांचवे राष्ट्रपति थे. डॉ जाकिर हुसैन के बाद वे दुसरे राष्ट्रपति थे जिनकी मृत्यु राष्ट्रपति के पद पर ही हो गई थी. उनकी मृत्यु के बाद बी.डी जत्ती को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया था.
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नीलम संजीव रेड्डी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. इसके बाद वे भारत के छठे राष्ट्रपति बने. वे भारत के एकलौते राष्ट्रपति थे, जो निर्विरोध निर्वाचित हुए थे. इनके बारे में खास बात ये भी है कि राष्ट्रपति के उम्मीदवार होते हुए प्रथम बार इन्हें विफलता प्राप्त हुई और दूसरी बार उम्मीदवार बनाए जाने के बाद वह राष्ट्रपति पद पर निर्वाचित हुए थे.

ज्ञानी जैल सिंह भारत के सातवें राष्ट्रपति बने. राष्ट्रपति बनने से पहले वे पंजाब के मुख्यमंत्री और केंद्र में भी मंत्री रहे थे. उन्हें भारतीय डाक घर से संबंधी विधेयक पर पॉकेट वीटो के प्रयोग के लिए भी जाना जाता है. इनके कार्यकाल में देश में कई ऑपरेशन हुए. ऑपरेशन ब्लू स्टार, इंदिरा गाँधी की हत्या और 1984 में सिख विरोधी दंगा आदि भी इन्ही के कार्यकाल में हुए.

आर. वेंकटरमण का पूरा नाम रामास्वामी वेंकटरमण था. वे 1984 से 87 तक भारत के उपराष्ट्रपति रहे थे. वे एक भारतीय वकील, स्वतंत्रता संग्रामी और महान राजनेता थे. रामास्वामी वेंकटरमण के नाम अपने राष्ट्रपति काल में सर्वाधिक प्रधानमंत्री को उनकी पद की शपथ दिलाने का भी रिकार्ड है.

डॉ शंकर दयाल शर्मा देश के आठवें उपराष्ट्रपति थे. इसके बाद वे देश के नौवें राष्ट्रपति बने. 1952 से 56 तक वे भोपाल के मुख्य मंत्री रहे थे और 1956 से 67 तक वे कैबिनेट मिनिस्टर रहे. उनकी लीगल फील्ड में काफी जोरदार पकड़ थी. इंटरनेशनल बार एसोसिएशन ने उनको लीगल प्रोफेशन में बहु-उपलब्धियों के कारण ‘लिविंग लीजेंड ऑफ़ लॉ अवार्ड ऑफ़ रिकग्निशन’ दिया था.
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के. आर. नारायणन भारत के दसवें राष्ट्रपति बने. इसके साथ ही वे देश के पहले दलित राष्ट्रपति भी रहे हैं. वे पहले मलयाली व्यक्ति भी हैं जिन्हें देश का सर्वोच्च पद प्राप्त हुआ. इसके साथ ही वे वे लोकसभा चुनाव में मतदान करने वाले और राज्य की विधानसभा को सम्बोधित करने वाले पहले राष्ट्रपति थे.

डॉ ए. पी. जे. अब्दुल कलाम भारत के ग्यारहवें राष्ट्रपति बने. उन्हें भारत के मिसाईल मेन नाम से भी जाना जाता है. वे देश के पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने राष्ट्रपति पद को संभाला और भारत के पहले राष्ट्रपति जो सर्वाधिक मतों से जीते थे. डॉ ए. पी. जे. अब्दुल कलामके निर्देशन में ही रोहिणी-1 उपग्रह, अग्नि और पृथ्वी मिसाइलो का सफल प्रक्षेपण किया गया था. 1974 और 1998 में भारत के परमाणु परीक्षण में भी अब्दुल कलाम का महत्वपूर्ण योगदान रहा था. उनके कार्यों के लिए 1997 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया.

देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा सिंह पाटिल रही. राष्ट्रपति बनने से पहले वह राजस्थान की राज्यपाल रहीं थी. 1962 से 85 तक वह पांच बार महाराष्ट्र विधानसभा की सदस्य भी रही. वह सुखोई विमान उड़ाने वाली पहली महिला राष्ट्रपति भी हैं.

देश के 13 वें राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी बने. राष्ट्रपति बनने से पहले वे केन्द्रीय मंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे. उन्हें 2019 में देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया. इससे पहले उनको 1997 में सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार और 2008 में भारत का दूसरा सबसे बड़ा असैनिक सम्मान पद्म विभूषण प्रदान किया गया था.

देश के चौदहवें और वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द हैं. उन्होंने 25 जुलाई, 2017 को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी. राष्ट्रपति बनने से पहले वे बिहार के पूर्व गवर्नर थे. राजनीतिक समस्याओं के प्रति उनके दृष्टिकोण ने उन्हें राजनीतिक स्पेक्ट्रम में प्रशंसा दिलाई.
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